रिपोर्टर: शुभम सिंह
बांदा। बिहार के भोजपुर निवासी युवा नेता भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के मामले को लेकर मंगलवार को अटल भारतीय हिंदू फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
फर्जी एनकाउंटर का लगाया आरोप
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने कथित रूप से फर्जी मुठभेड़ कर उनकी हत्या कर दी। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले में संबंधित एजेंसियों की जांच या आधिकारिक निष्कर्ष आना शेष है।
सीबीआई जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
संगठन के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के माध्यम से पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को दो करोड़ रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान हुई नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और मामले में न्याय की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। फिलहाल संबंधित मामले में प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
