रिपोर्ट: शुभम सिंह, बांदा
रेलवे कर्मचारी गोविंद के लापता होने से परिवार चिंतित
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के भतीजे के लापता होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, गोविंद नामक रेलवे कर्मचारी बीते 31 जुलाई की शाम से लापता हैं। उनके परिजनों ने काफी तलाश के बाद शहर कोतवाली में गुमशुदगी की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
रेलवे में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर हैं तैनात
पुलिस के अनुसार, गोविंद रेलवे विभाग के ट्रेन लाइट सेक्शन में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। उनके अचानक लापता होने से परिवार और परिचितों में चिंता का माहौल है।
गोविंद की पत्नी ने शहर कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस को मिली अंतिम लोकेशन
जांच के दौरान पुलिस को गोविंद की अंतिम लोकेशन एक बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम के आसपास मिली है। इसी आधार पर पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
हालांकि, अभी तक गोविंद का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
कई पहलुओं पर जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ गोविंद के संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
मूल रूप से हमीरपुर के निवासी
बताया जा रहा है कि लापता गोविंद मूल रूप से हमीरपुर जिले के पत्योरा गांव के निवासी हैं। उनके लापता होने की सूचना मिलने के बाद परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी
मामले में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस सभी आवश्यक पहलुओं पर जांच कर रही है। उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खोजबीन जारी है और जल्द से जल्द मामले का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
निष्कर्ष
बांदा में रेलवे कर्मचारी गोविंद के लापता होने का मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। फिलहाल पुलिस तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है और परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
