रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से गंग नहर कांवड़ मार्ग पर भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन तथा सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक अभिनव राज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया।
कैबिनेट मंत्री ने किया पौधारोपण
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने पौधा लगाकर हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित बनाए रखने की आधारशिला भी हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। अधिक से अधिक वृक्ष लगाने से पर्यावरण संतुलन मजबूत होता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण को बनाएं सामाजिक दायित्व
कैबिनेट मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम या अभियान के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने सामाजिक दायित्व के रूप में स्वीकार करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। यदि समाज का हर नागरिक इस दिशा में योगदान दे तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
पेड़ों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
अपने संबोधन में मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन बनाए रखने में पेड़ों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वृक्ष प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने के साथ-साथ पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं। इसलिए हर नागरिक को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक होना चाहिए और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने पर जोर
कार्यक्रम में सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक अभिनव राज ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का रूप देना होगा।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करना संभव नहीं है।
कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा, सहायक अभियंता संतोष कुमार यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी आदित्य सोनकर, वन दरोगा दीपांजलि शर्मा सहित वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
हरित भविष्य के लिए लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रेरित करने वाला साबित हुआ। गंग नहर कांवड़ मार्ग पर किया गया यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो आने वाले समय में क्षेत्र की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
