भोपा पहुंचा बीएसएफ जवान का पार्थिव शरीर
मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर के बारामुला क्षेत्र में तैनात बीएसएफ के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) शिवदत्त प्रजापति (56) का पार्थिव शरीर शनिवार को भोपा स्थित उनके आवास पहुंचा। पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और भारत माता की जय तथा “शिवदत्त अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
परिजनों में मचा कोहराम
पार्थिव शरीर को देखकर उनकी माता शीलो, पत्नी राजेश, पुत्र शिव कुमार और अजय सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर से भोपा तक हजारों लोग शामिल हुए और जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मौत के कारण को लेकर उठे सवाल
परिजनों ने साथ आए अधिकारियों से मृत्यु के कारण की जानकारी मांगी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटनावश गोली चलने (Accidental Fire) की घटना में उनकी मृत्यु हुई है, हालांकि पूरे मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होगी।
शहीद का दर्जा देने की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने शहीद का दर्जा, आश्रित को सरकारी नौकरी और अन्य सुविधाएं देने की मांग को लेकर मुजफ्फरनगर–मोरना मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही। देर शाम तक धरना और प्रदर्शन जारी रहा।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे
शिवदत्त प्रजापति के आवास पर सांसद चंदन सिंह चौहान, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान (फोन पर वार्ता के माध्यम से), पूर्व विधायक उमेश मलिक, डॉ. वीरपाल निर्वाल, सुप्रिया पाल, उपजिलाधिकारी रश्मि लांबा, तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, नायब तहसीलदार बृजेश कुमार, थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे।
1989 में हुई थी बीएसएफ में नियुक्ति
शिवदत्त प्रजापति मूल रूप से शोरम गांव, थाना शाहपुर के निवासी थे और पिछले लगभग 20 वर्षों से उनका परिवार भोपा में रह रहा था। वर्ष 1989 में उनकी पहली नियुक्ति पश्चिम बंगाल में हुई थी। दो वर्ष पूर्व उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के बारामुला क्षेत्र में हुई थी और पिछले वर्ष उन्हें सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नति मिली थी।
