ब्यूरो रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर पुलिस अब स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल विवेचना की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। अपराध जांच को तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने जनपद के राजपत्रित अधिकारियों और विवेचकों को 220 आधुनिक टैबलेट वितरित किए।
पुलिस विभाग की इस पहल को नई आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे विवेचना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी तेज विवेचना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन आधुनिक टैबलेट्स के जरिए अब विवेचना कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से किया जा सकेगा। टैबलेट्स में कीबोर्ड सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे विवेचक मौके पर ही केस डायरी तैयार कर सकेंगे।
इसके अलावा ऑनलाइन रिपोर्टिंग, डिजिटल साक्ष्य संकलन, अभियोगों की मॉनिटरिंग और विभिन्न पोर्टलों पर जानकारी अपडेट करने जैसे कार्य भी तुरंत किए जा सकेंगे।
नए कानूनों में तकनीक को मिल रहा महत्व
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नए आपराधिक कानूनों में तकनीक आधारित विवेचना और डिजिटल साक्ष्यों को विशेष महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ पुलिसिंग को भी आधुनिक बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से पुलिस कर्मियों को आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है, ताकि जांच प्रक्रिया को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाया जा सके।
ई-साक्ष्य एप और यक्ष ऐप के उपयोग पर जोर
एसएसपी ने विवेचकों को निर्देशित करते हुए कहा कि ई-साक्ष्य एप और यक्ष ऐप का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि इन तकनीकी माध्यमों के जरिए विवेचनाओं का त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि अब घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य अपलोड किए जा सकेंगे और अपराधियों का ऑनलाइन सत्यापन भी तुरंत किया जा सकेगा। इससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और समय की बचत होगी।
पुलिसिंग होगी अधिक जवाबदेह
एसएसपी संजय वर्मा ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनेगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों का उद्देश्य केवल सुविधा देना नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण और न्याय प्रक्रिया को मजबूत करना भी है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों के उपयोग में दक्ष बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एसपी सिटी ने भी रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन ने भी अधिकारियों और विवेचकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी संसाधनों का सही उपयोग पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि डिजिटल पुलिसिंग से आमजन को त्वरित न्याय दिलाने में मदद मिलेगी और अपराधों की विवेचना पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत और पारदर्शी होगी।
स्मार्ट पुलिसिंग की ओर बढ़ता मुजफ्फरनगर
मुजफ्फरनगर पुलिस की यह पहल साफ संकेत दे रही है कि अब जिले में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ डिजिटल और स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल को तेजी से अपनाया जा रहा है।
पुलिस विभाग का मानना है कि तकनीक आधारित जांच से अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा और केसों का निस्तारण भी तेजी से किया जा सकेगा। जिले में पुलिस की इस नई पहल को लेकर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह देखा जा रहा है।
