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अनुदेशकों का बढ़ा मानदेय बना सम्मान का प्रतीक, सरकारी स्कूलों को मिलेगा नया संबल

रिपोर्ट: सुदेश वर्मा

बागपत में प्रदेश सरकार द्वारा अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा के बाद सरकारी स्कूलों में खुशी का माहौल है। गांवों के स्कूलों में खेल, कला, कंप्यूटर और कार्य शिक्षा के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास में योगदान देने वाले अनुदेशकों ने इसे अपने कार्य के सम्मान और भरोसे का प्रतीक बताया है।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में जिले के विभिन्न विकास खंडों से चयनित अंशकालिक अनुदेशकों को सम्मानित करते हुए प्रतीकात्मक चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम में मौजूद अनुदेशक और शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकार के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रहे थे।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर गूंज उठीं तालियां

कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि की घोषणा की।

घोषणा होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कई अनुदेशक उत्साह के साथ कार्यक्रम के पलों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।

कार्यक्रम में अनुदेशकों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा भी की गई, जिससे उपस्थित लोगों में खुशी का माहौल दिखाई दिया।

गांव के बच्चों को नई दिशा दे रहे अनुदेशक

प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री केपी मलिक ने लाभार्थियों को चेक वितरित करते हुए कहा कि गांव के बच्चों को नई दिशा देने में अनुदेशकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि खेल, कला, कंप्यूटर और कार्य शिक्षा जैसी गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को मजबूती प्रदान करती हैं।

राज्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी हैं, जिसमें अनुदेशक अहम भूमिका निभा रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में बढ़ेगा मनोबल

छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर अवसर और आधुनिक शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में यह फैसला महत्वपूर्ण साबित होगा।

उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि से अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा और इसका सीधा सकारात्मक असर बच्चों की पढ़ाई तथा स्कूलों के माहौल पर देखने को मिलेगा।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया बल

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शिक्षक और अनुदेशक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जब शिक्षा से जुड़े लोगों को सम्मान और आर्थिक मजबूती मिलती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों के भविष्य पर भी पड़ता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बागपत के सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर अब लोगों का भरोसा बढ़ा रही है और बच्चों के व्यक्तित्व विकास, खेल प्रतिभा तथा रचनात्मक क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दिखाई गई विशेष फिल्म

कार्यक्रम में “विकसित उत्तर प्रदेश, शिक्षित उत्तर प्रदेश” थीम पर आधारित एक विशेष फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।

फिल्म में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, स्कूलों में बढ़ती सुविधाओं और शिक्षकों-अनुदेशकों के योगदान को दिखाया गया। फिल्म देखने के दौरान कई अनुदेशक भावुक नजर आए और इसे अपने कार्य के सम्मान से जोड़कर देखा।

अनुदेशकों ने जताई खुशी

अनुदेशकों ने कहा कि पहले सीमित मानदेय में परिवार और विद्यालय की जिम्मेदारियों को निभाना कठिन होता था, लेकिन अब बढ़ा हुआ मानदेय उन्हें नई ऊर्जा देगा।

उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके कार्य के प्रति सरकार के विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।

अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता चौधरी सहित शिक्षा विभाग और प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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