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मुजफ्फरनगर पुलिस ने फर्जी नौकरी दिलाने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, कृषि विभाग में संविदा भर्ती के नाम पर ठगी; दो आरोपी गिरफ्तार

रिपोर्टर: कबीर

मुजफ्फरनगर। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक गिरोह का मुजफ्फरनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने कृषि विभाग में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर ठगी करने वाले गिरोह के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, 19 जून 2026 को ग्राम मन्धेड़ा निवासी दीपक पुत्र भूप सिंह ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने कृषि विभाग में संविदा नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे 1.50 लाख रुपये लिए और बाद में फर्जी जॉइनिंग लेटर दे दिया।

शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

दो आरोपी गिरफ्तार

थाना सिविल लाइन प्रभारी महावीर सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई—

नितिन पुत्र सतीश कुमार, निवासी करावल नगर, दिल्ली (मूल निवासी जनपद शामली)

दीपक पुत्र वीरेंद्र पाल, निवासी इंद्रापुरी कॉलोनी, लोनी बॉर्डर, जनपद गाजियाबाद

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक ब्रेजा कार (UP14 DS 7020), तीन मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड, दो मेट्रो कार्ड, चार आधार कार्ड, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नाम से तैयार फर्जी कर्मचारी पंजीकरण और जॉइनिंग लेटर की प्रतियां, आयकर विभाग के नाम से तैयार फर्जी आवेदन पत्र तथा विभिन्न अभ्यर्थियों के नाम से तैयार कई अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका उपयोग कितने लोगों से ठगी करने में किया गया।

ऐसे करते थे ठगी

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने झांसे में लेते थे। पहले सरकारी विभागों में भर्ती कराने का भरोसा दिलाते, फिर फर्जी विज्ञापन, ऑफर लेटर और नियुक्ति पत्र तैयार कर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी संपर्क समाप्त कर फरार हो जाते थे।

पुलिस इन दावों का भी सत्यापन कर रही है।

कई राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि गिरोह ने मुजफ्फरनगर के अलावा गाजियाबाद, शामली, मऊ, आजमगढ़, सहारनपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों के युवाओं को निशाना बनाया। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों से भी ठगी किए जाने की आशंका है।

पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

एक आरोपी पर पहले से दर्ज है मुकदमा

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी दीपक के खिलाफ जनपद मऊ के थाना रानीपुर में भी एक मुकदमा दर्ज है। दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

पुलिस की अपील

मुजफ्फरनगर पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को बिना आधिकारिक प्रक्रिया के धनराशि न दें। किसी भी भर्ती संबंधी सूचना की पुष्टि केवल संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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