रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर
अवैध संचालन के आरोप में अस्पताल पर कार्रवाई
मुजफ्फरनगर जनपद में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने बुढ़ाना कस्बे स्थित अफीफा हॉस्पिटल के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताएं मिलने पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया गया।
निरीक्षण में मिलीं कई अनियमितताएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देश पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार और डॉ. महक सिंह ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई पंजीकृत एमबीबीएस या बीएएमएस चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। साथ ही अस्पताल का वैध पंजीकरण और अन्य आवश्यक अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
निरीक्षण के बाद मामले की सूचना तत्काल उप जिलाधिकारी (एसडीएम) बुढ़ाना को दी गई। इसके बाद तहसील प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और एनआईसीयू को सील कर अस्पताल का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
केवल संचालिका मिलीं मौजूद
जांच के दौरान अस्पताल में केवल संचालिका मौजूद मिलीं। विभाग के अनुसार मौके पर कोई योग्य चिकित्सक उपलब्ध नहीं था और आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि बिना वैध पंजीकरण, निर्धारित मानकों और योग्य चिकित्सकों के किसी भी अस्पताल का संचालन कानून का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं पर विभाग का जोर
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित अफीफा हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने निरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताएं पाए जाने के बाद कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। विभाग के अनुसार आवश्यक दस्तावेज, वैध पंजीकरण और योग्य चिकित्सकों की अनुपस्थिति के चलते यह कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
