रिपोर्ट: श्रावस्ती
किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन का सख्त कदम
श्रावस्ती जिले में किसानों के हितों से खिलवाड़ करने के आरोप में प्रशासन ने एक उर्वरक विक्रेता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन की जांच में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद संबंधित विक्रेता के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत भिनगा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसानों के अधिकारों से समझौता करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर की गई, जिसके बाद कृषि विभाग ने जांच को आगे बढ़ाया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
औचक निरीक्षण में सामने आई अनियमितताएं
जिला कृषि अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठान पर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में आरोप है कि वास्तविक बिक्री और रिकॉर्ड में दर्ज बिक्री के बीच बड़ा अंतर पाया गया।
प्राथमिक जांच के अनुसार, जहां वास्तविक रूप से केवल तीन बोरी यूरिया की बिक्री की गई थी, वहीं अभिलेखों में 32 बोरी यूरिया की बिक्री दर्ज दिखाई गई। इस कथित गड़बड़ी के बाद अधिकारियों ने रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू की।
198 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण मिलने का आरोप
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को 198 बोरी यूरिया का कथित अवैध भंडारण भी मिला। जांच टीम ने उपलब्ध स्टॉक और अभिलेखों का मिलान किया, जिसमें कई विसंगतियां सामने आने का दावा किया गया।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की अनियमितताएं किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न करती हैं और उर्वरक वितरण व्यवस्था को प्रभावित करती हैं। इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
डीएम के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद भिनगा कोतवाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया गया।
प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी नियमानुसार की जाएगी। यदि जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सकती है।
किसानों के अधिकारों से समझौता नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मात्रा में और उचित समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। यदि कोई विक्रेता कालाबाजारी, अवैध भंडारण या रिकॉर्ड में हेराफेरी करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का पालन करने और बिक्री से संबंधित अभिलेखों को पूरी पारदर्शिता के साथ बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
अन्य दुकानों की भी होगी जांच
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले में उर्वरक बिक्री से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। कृषि विभाग की टीम समय-समय पर औचक निरीक्षण कर स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और वितरण व्यवस्था की जांच करेगी ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस अभियान का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।
निष्कर्ष
श्रावस्ती में उर्वरक विक्रेता के खिलाफ की गई यह कार्रवाई किसानों के हितों की सुरक्षा की दिशा में प्रशासन का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जांच में कथित रूप से रिकॉर्ड में हेराफेरी और 198 बोरी यूरिया के अवैध भंडारण का मामला सामने आने के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों पर डाका डालने या खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
