रिपोर्टर – संदीप वर्मा
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। विकासखंड रामनगर परिसर में विकासखंड स्तरीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती, गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। गोष्ठी में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान और कृषि विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य अंगद सिंह और विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख रामनगर संजय तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत उप कृषि निदेशक उमेश कुमार द्वारा मुख्य अतिथि अंगद सिंह और विशिष्ट अतिथि संजय तिवारी का पुष्पगुच्छ एवं मोमेंटो भेंट कर स्वागत और अभिनंदन के साथ हुई।
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी
खरीफ गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को मौजूदा कृषि सीजन में बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देना रहा। गोष्ठी के दौरान कृषि विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने किसानों को फसल उत्पादन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
उप कृषि निदेशक उमेश कुमार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मिलने वाले अनुदान और अन्य विभागीय सुविधाओं के बारे में बताया। साथ ही किसानों से अपील की गई कि वे पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाएं।
उन्होंने खरीफ फसलों की उन्नत खेती को लेकर भी किसानों को आवश्यक तकनीकी जानकारी दी। किसानों को फसल उत्पादन के दौरान वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने और बेहतर कृषि प्रबंधन पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
श्री अन्न की खेती पर दिया गया जोर
गोष्ठी के दौरान मोटे अनाज यानी श्री अन्न की खेती के महत्व पर भी विशेष चर्चा हुई। खंड विकास अधिकारी रामनगर ने किसानों को श्री अन्न की खेती के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि मोटे अनाज की खेती किसानों के लिए कई दृष्टियों से उपयोगी हो सकती है। इसके साथ ही श्री अन्न को पोषण सुरक्षा और जल संरक्षण से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
किसानों को श्री अन्न के उत्पादन के साथ-साथ इसके उपभोग को बढ़ावा देने के लिए भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने किसानों से स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए फसल विविधीकरण की दिशा में भी आगे बढ़ने की अपील की।
गुणवत्तायुक्त बीज का चयन जरूरी
सहायक विकास अधिकारी कृषि, रामनगर डॉ. दलबीर ने किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज के चयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसल की अच्छी शुरुआत के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले बीज का चयन महत्वपूर्ण होता है।
इसके साथ ही किसानों को उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग के बारे में भी बताया गया। जरूरत से अधिक या गलत तरीके से उर्वरक इस्तेमाल करने के बजाय फसल और मिट्टी की आवश्यकता के अनुसार उसका उपयोग करने पर जोर दिया गया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खेती में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और उपलब्ध तकनीकी सलाह का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद सदस्य अंगद सिंह ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पात्रता के अनुसार इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बदलती तकनीक के साथ किसानों का जुड़ाव जरूरी है। नई तकनीकों और बेहतर कृषि पद्धतियों का उपयोग करके किसान खेती को अधिक प्रभावी और लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
किसानों के लिए लगाए गए उपयोगी स्टॉल
खरीफ गोष्ठी के दौरान उपसंभाग रामनगर के कृषि एवं संबद्ध विभागों की ओर से विभिन्न कृषक उपयोगी स्टॉल भी लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से किसानों को विभागीय योजनाओं, कृषि तकनीकों और उपयोगी कृषि सामग्री से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई।
किसानों ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया और कृषि से जुड़े विषयों पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। किसानों के लिए इस तरह के आयोजन कृषि योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी सीधे विभागीय स्तर पर प्राप्त करने का माध्यम बनते हैं।
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। गोष्ठी के दौरान किसानों ने खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों ने किसानों को खरीफ सीजन के दौरान फसलों की बेहतर देखभाल, बीज के चयन, उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के संबंध में जागरूक किया।
कार्यक्रम में किसानों को यह संदेश दिया गया कि कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम के लिए पारंपरिक अनुभव के साथ-साथ वैज्ञानिक तकनीकों का समुचित इस्तेमाल भी जरूरी है।
कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर
खरीफ गोष्ठी के माध्यम से किसानों को खेती में लागत और उत्पादन के बीच बेहतर संतुलन बनाने की दिशा में जानकारी दी गई। कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं और अनुदान की जानकारी देकर किसानों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों ने किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि सामग्री के उपयोग और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित किया। वहीं श्री अन्न जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान किसानों के सवालों और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की गई।
किसानों के लिए उपयोगी रहा आयोजन
रामनगर विकासखंड परिसर में आयोजित यह खरीफ गोष्ठी किसानों के लिए कृषि विभाग की योजनाओं और आधुनिक खेती की तकनीकों को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को खेती में नई तकनीकों को अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
गोष्ठी में कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल के माध्यम से किसानों को विभिन्न कृषि सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में किसानों को बेहतर कृषि उत्पादन, वैज्ञानिक खेती और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया। बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी से आयोजन को लेकर क्षेत्र में कृषि संबंधी जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी सामने आया।
