श्रावस्ती से विशेष रिपोर्ट
श्रावस्ती जिले के भिनगा स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया।
कार्यक्रम में जनपद के 117 अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलने पर सम्मानित किया गया। सरकार द्वारा अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की घोषणा के बाद उपस्थित अनुदेशकों में उत्साह देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों ने सराही सरकार की पहल
समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र ने प्रदेश सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अनुदेशक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके सम्मान एवं आर्थिक सशक्तिकरण से शिक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
विधायक राम फेरन पाण्डेय ने भी अनुदेशकों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के विकास में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि खेल, कला, कंप्यूटर और अन्य गतिविधियों के माध्यम से अनुदेशक बच्चों के व्यक्तित्व विकास में योगदान दे रहे हैं।
विधायक और एमएलसी ने किया संबोधन
कार्यक्रम को विधायक इन्द्राणी वर्मा और एमएलसी साकेत मिश्रा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षकों-अनुदेशकों के हितों को प्राथमिकता देने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय अनुदेशकों के मनोबल को बढ़ाने का काम करेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की शिक्षा पर भी दिखाई देगा।
अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद ने अनुदेशकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में उनका योगदान सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा के स्तर को मजबूत करना और बच्चों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे शिक्षक और अनुदेशक
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत, विभिन्न ब्लॉकों के बीईओ, शिक्षक और बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।
समारोह के दौरान अनुदेशकों ने सरकार के फैसले पर खुशी जताई और कहा कि यह केवल मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि उनके कार्य के प्रति सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।
