उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनकेंद्रित बनाने के उद्देश्य से आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर दिए जा रहे विशेष जोर के कारण लोगों की समस्याओं के समाधान की गति बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है।
हाल ही में आयोजित समाधान दिवस के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा।
संयुक्त टीमों के माध्यम से मौके पर समाधान
जिले में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को सक्रिय किया गया है, जिससे कई मामलों का समाधान सीधे मौके पर ही किया जा रहा है। भूमि विवाद, कब्जे से जुड़े मामलों, सीमांकन और अन्य प्रशासनिक शिकायतों में दोनों विभागों की समन्वित कार्रवाई से लोगों को राहत मिल रही है।
प्रशासन का मानना है कि मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करने से विवाद बढ़ने की संभावना कम होती है और शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ते।
अलीगंज में अधिकारियों ने सुनीं शिकायतें
संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर अलीगंज तहसील में जिला अधिकारी अरविन्द सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्वयं उपस्थित होकर नागरिकों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, पेयजल तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मामले शामिल रहे।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए तथा शिकायतकर्ता को कार्रवाई की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर प्रशासन का विशेष जोर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल शिकायत का निस्तारण दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे संबंधित व्यक्ति पूरी तरह संतुष्ट हो सके। इसी उद्देश्य से सभी विभागों को गुणवत्ता आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी शिकायत को बिना जांच के बंद न किया जाए। प्रत्येक मामले में तथ्यात्मक जांच के बाद ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में उसी विषय पर दोबारा शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता न पड़े।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा जानबूझकर देरी की जाती है अथवा शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं किया जाता है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना तथा जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत करना है।
जनता को मिल रही राहत
स्थानीय लोगों का कहना है कि संयुक्त टीमों की सक्रियता और वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित निगरानी से कई पुराने मामलों का भी समाधान तेजी से हो रहा है। इससे लोगों का समय बच रहा है और सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हो रही है।
विशेष रूप से राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में मौके पर जाकर सुनवाई करने की व्यवस्था को नागरिकों ने सकारात्मक पहल बताया है।
शिकायत प्रणाली को बनाया जा रहा अधिक प्रभावी
प्रशासन लगातार यह प्रयास कर रहा है कि शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा की जाए और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
इसके साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसी भी शिकायत का समाधान अनावश्यक विलंब के बिना किया जा सके।
निष्कर्ष
एटा में संपूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। शिकायतों की संख्या में आई कमी इस बात का संकेत मानी जा रही है कि कई मामलों का समय रहते निस्तारण हो रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता केवल शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
आने वाले समय में भी जिला प्रशासन द्वारा इसी प्रकार नियमित समीक्षा, संयुक्त कार्रवाई और जवाबदेही की व्यवस्था जारी रहने की उम्मीद है, जिससे आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिल सके।
