रिपोर्ट: बलिया संवाददाता
क्षेत्र में बिजली संकट के बीच विधायक का औचक निरीक्षण
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों के बीच स्थानीय विधायक केतकी सिंह शनिवार देर रात अचानक विद्युत उपकेंद्र (सबस्टेशन) पहुंच गईं। विधायक के अचानक पहुंचने से बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र के कई इलाकों में लंबे समय से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। स्थानीय लोगों द्वारा रात में भी बिजली न आने की सूचना विधायक तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया।
सबस्टेशन पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सबस्टेशन पहुंचने के बाद विधायक केतकी सिंह ने बिजली आपूर्ति की स्थिति, फॉल्ट की जानकारी और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि आखिर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण क्या है और समस्या के समाधान में कितना समय लगेगा।
इस दौरान उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और आम जनता को हो रही परेशानियों पर चिंता व्यक्त की।
कर्मचारी के नशे में होने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान विधायक ने ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी के नशे में होने का आरोप लगाया। इसको लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से नाराजगी व्यक्त की और कहा कि जनसेवा से जुड़े विभागों में इस प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
हालांकि, संबंधित कर्मचारी के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
अधिकारियों का फोन न उठाने पर जताई नाराजगी
बताया गया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिलने के बाद विधायक ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कई अधिकारियों द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि आपात स्थिति में अधिकारियों का उपलब्ध रहना आवश्यक है।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों के माध्यम से उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और समय पर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बिजली व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
विधायक ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से फॉल्ट की जानकारी लेकर उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने को कहा।
स्थानीय लोगों ने रखीं अपनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के कई लोगों ने भी विधायक के सामने बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या रखी। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बिजली बाधित रहने से घरेलू कार्य, पेयजल आपूर्ति, व्यापार और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विधायक ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को संबंधित विभाग के समक्ष गंभीरता से उठाया जाएगा और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
विभागीय कार्रवाई पर टिकी निगाहें
घटना के बाद अब लोगों की नजर बिजली विभाग की कार्रवाई पर है। यदि ड्यूटी में लापरवाही या अन्य अनियमितता की पुष्टि होती है, तो विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
