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मुजफ्फरनगर में अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल

रिपोर्ट: कबीर | मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर में अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने संधावली कट के पास खंडहर में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मौके से भारी मात्रा में बने और अधबने तमंचे, पिस्टल, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध हथियार कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी

जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान और चौकी इंचार्ज सत्येंद्र सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि संधावली कट के पास बंद पड़ी फैक्ट्री में कुछ लोग अवैध असलाह तैयार कर रहे हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम जब खंडहर के पास पहुंची तो अंदर से मशीनों और हथौड़ों की आवाज सुनाई दी। इसी दौरान बदमाशों को पुलिस की भनक लग गई।

बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग

पुलिस के अनुसार बदमाशों ने कमरे की आड़ लेकर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। मुठभेड़ के दौरान शमीम उर्फ सोनू और विशाल गोली लगने से घायल हो गए, जबकि अदनान और मुर्सलीन को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 13 तमंचे .315 बोर, दो तमंचे .32 बोर, एक पिस्टल 9 एमएम, एक पिस्टल .32 बोर और चार अधबने तमंचे बरामद किए।

इसके अलावा जिंदा और खोखा कारतूस, हथियार बनाने की मशीनें, बैरल, स्प्रिंग, लोहे की पत्तियां, गैस सिलेंडर और अन्य उपकरण भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने एक इलेक्ट्रिक स्कूटी भी कब्जे में ली है।

कई जिलों में सप्लाई होते थे हथियार

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो मांग के अनुसार अवैध हथियार तैयार कर अलग-अलग जिलों में सप्लाई करता था।

पुलिस के मुताबिक गिरोह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था और सुनसान स्थानों पर अवैध फैक्ट्री संचालित करता था ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके।

आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे

गिरफ्तार आरोपियों में शमीम उर्फ सोनू निवासी शामली हाल निवासी सुभाषनगर, विशाल निवासी खुब्बापुर, अदनान निवासी हुसैनपुर बोपाड़ा और मुर्सलीन निवासी सुभाषनगर शामिल हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कई आरोपी पहले भी आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों में जेल जा चुके हैं।

SSP ने पुलिस टीम को दिया इनाम

संजय कुमार वर्मा ने इस बड़ी कार्रवाई के लिए सिविल लाइन पुलिस टीम की सराहना की है। उन्होंने पूरी टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।

फिलहाल पुलिस गिरोह के नेटवर्क और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन की गहन जांच में जुटी हुई है।

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