निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने के आरोप
श्रावस्ती जिले में यूरिया की बिक्री को लेकर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का दावा है कि निर्धारित मूल्य लगभग ₹266-267 प्रति बोरी होने के बावजूद कुछ स्थानों पर यूरिया करीब ₹400 प्रति बोरी में बेची जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
किसानों ने विक्रेता पर लगाए आरोप
किसानों का आरोप है कि खरगौरा मोड़ स्थित सिंह ट्रेडर्स पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जा रही है। उनका कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद की आवश्यकता का लाभ उठाकर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
खेती के मौसम में बढ़ी परेशानी
स्थानीय किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में फसलों के लिए यूरिया की आवश्यकता अधिक है। ऐसे में यदि खाद निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध नहीं होगी तो इसका सीधा असर खेती की लागत और किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा।
किसानों ने मांग की है कि सभी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा शासन की निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन से जांच की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं अधिक कीमत वसूली जा रही है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही किसानों ने यह भी मांग की है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी प्रकार की कृत्रिम कमी या अनियमितता की स्थिति न बने।
कृषि विभाग की कार्रवाई पर नजर
मामले को लेकर कृषि विभाग की ओर से जांच की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
जांच के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
निष्कर्ष
श्रावस्ती में यूरिया की कथित ओवररेटिंग को लेकर किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों ने उर्वरक बिक्री व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल ये आरोप जांच के दायरे में हैं। मामले की वास्तविक स्थिति कृषि विभाग और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। तब तक किसानों और संबंधित विक्रेता के दावों का सत्यापन होना बाकी है।
