श्रावस्ती से बड़ी खबर
श्रावस्ती जिले के ग्राम जौगड़ में खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने केदार पुत्र चुनमुन नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया है कि वह फर्जी लाइनमैन बनकर लोगों से पैसे वसूल रहा है। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है और उपभोक्ताओं ने प्रशासन तथा बिजली विभाग से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि केदार पुत्र चुनमुन खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर गांव में घूमता है और बिजली उपभोक्ताओं पर दबाव बनाकर पैसे वसूलता है। लोगों का कहना है कि आरोपी न तो बिजली विभाग का स्थायी कर्मचारी है और न ही संविदा कर्मी, इसके बावजूद वह विभागीय अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है।
उपभोक्ताओं के अनुसार आरोपी बिजली कनेक्शन जोड़ने, लाइन काटने और दोबारा जोड़ने के नाम पर 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की वसूली करता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग डर और बिजली कटने की आशंका के कारण मजबूरी में पैसे देने को विवश हो जाते हैं।
बिना आदेश के लाइन काटने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आरोपी बिना किसी आधिकारिक आदेश के बिजली के खंभों से तार हटाकर आपूर्ति बाधित कर देता है। इसके बाद दोबारा लाइन जोड़ने के लिए लोगों से पैसे मांगे जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से गांव में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आम उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार अचानक बिजली बाधित होने से घरेलू कामकाज और छोटे व्यवसायों पर भी असर पड़ता है।
उपभोक्ताओं में दिखा आक्रोश
मामले को लेकर ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति विभागीय कर्मचारी नहीं है तो उसे बिजली लाइन छूने, कनेक्शन काटने या जोड़ने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
1912 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत
उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत बिजली विभाग की 1912 टोल फ्री हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई है। शिकायत में आरोपी की गतिविधियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आरोपी का बिजली विभाग से कोई संबंध है या नहीं। यदि वह विभाग का कर्मचारी नहीं है तो उसके खिलाफ धोखाधड़ी और अवैध वसूली की कार्रवाई होनी चाहिए।
बिजली विभाग से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने कहा कि बिजली विभाग को गांवों में इस तरह की फर्जी गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग विभाग के नाम का गलत इस्तेमाल कर आम लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं।
लोगों ने मांग की है कि विभाग गांव में अधिकृत कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक करे ताकि उपभोक्ता सही और गलत व्यक्ति की पहचान कर सकें। साथ ही ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई कर लोगों का भरोसा कायम रखा जाए।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों की ओर से जांच की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
