श्रावस्ती। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पोषण योजनाओं की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र चैलाही तथा जन आरोग्य केंद्र चिल्हरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, पोषण व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं से की बातचीत
प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र चैलाही में डीएम ने गर्भवती महिलाओं से सीधे संवाद कर उन्हें मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता और नियमित जांच की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लाभार्थियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
रजिस्टरों का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एएनसी (गर्भवती महिलाओं की जांच), ड्यू लिस्ट तथा सैम-मैम रजिस्टर का अवलोकन किया। जांच के दौरान उपकेंद्र में 196 सैम और मैम श्रेणी के बच्चे पंजीकृत पाए गए। उन्होंने इन बच्चों को दिए जा रहे पोषाहार और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
समय पर उपस्थित रहने के निर्देश
डीएम ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलना चाहिए।
साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर जोर
निरीक्षण के दौरान केंद्र परिसर, शौचालयों और पेयजल व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
जन आरोग्य केंद्र चिल्हरिया का भी किया निरीक्षण
इसके बाद डीएम ने जन आरोग्य केंद्र चिल्हरिया का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने एक बच्चे का वजन कराकर उसकी सैम-मैम स्थिति की जानकारी ली और पोषण संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
रेडियंट वार्मर मशीन की कमी मिली
निरीक्षण के दौरान केंद्र में रेडियंट वार्मर मशीन उपलब्ध न होने की जानकारी मिली। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मशीन जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि नवजात शिशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
