रिपोर्ट: कबीर
मुजफ्फरनगर। तहसील सदर सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनसमस्याओं की भरमार देखने को मिली। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में कुल 105 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से केवल 6 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हो सका, जबकि शेष 99 मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया।
विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं
सम्पूर्ण समाधान दिवस में जल निगम, विद्युत विभाग, समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा, राशन कार्ड, भूमि विवाद, नगर पालिका, नगर पंचायत, राजस्व, श्रम विभाग, पेंशन, सड़क और पुलिस विभाग से संबंधित बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई गईं।
फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें और वास्तविक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई शिकायत नियमों के अनुसार निस्तारित नहीं की जा सकती है, तो शिकायतकर्ता को स्पष्ट और संतोषजनक जानकारी दी जाए।
एक सप्ताह में निस्तारण के निर्देश
डीएम ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आईजीआरएस शिकायतों पर भी सख्ती
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता के आधार पर किया जाए तथा कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए। साथ ही मौके की फोटो और रिपोर्ट भी अपलोड की जाए।
सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
समाधान दिवस के दौरान सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मामलों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी विभाग की भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो तत्काल प्रभाव से उसे हटाने की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
सम्पूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार तेवतिया, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अभिनव राज, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़, जिला चकबंदी अधिकारी, क्षेत्राधिकारी सदर, जिला कृषि अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा जल निगम के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसमस्याओं के समाधान पर प्रशासन का जोर
समाधान दिवस के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद प्रशासन से है, वहीं अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लंबित 99 शिकायतों का निस्तारण कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ किया जाता है।
