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बिजनौर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों को सौंपे भूमि स्वामित्व अधिकार

रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सोमवार को बिजनौर जनपद के आलमपुर गांवड़ी पहुंचकर पाकिस्तान से विस्थापित हिंदू परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक पहल की। मुख्यमंत्री ने विशेष कार्यक्रम के दौरान 1645 विस्थापित परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार (भूमिधरी) प्रमाण पत्र वितरित किए। इसके साथ ही पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भी उनके अधिकारों से संबंधित दस्तावेज सौंपे गए।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।

आलमपुर गांवड़ी में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम

बिजनौर के आलमपुर गांवड़ी में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रदान करना था, जो वर्षों पहले पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए थे। लंबे समय से भूमि संबंधी अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे इन परिवारों के लिए यह दिन विशेष महत्व का रहा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए और कहा कि सरकार समाज के हर उस वर्ग के साथ खड़ी है, जो वर्षों से अपने अधिकारों से वंचित रहा है। उन्होंने कहा कि वंचित, शोषित और विस्थापित लोगों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

1645 परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए अनेक परिवार दशकों से अपनी भूमि के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इन परिवारों की कई पीढ़ियां बीत गईं, लेकिन उन्हें पूर्ण रूप से जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 1645 परिवारों को भूमिधरी अधिकार प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे लगभग 8 से 10 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

दशकों पुरानी समस्या का हुआ समाधान

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान से आए परिवारों की पुश्तैनी संपत्तियों और अधिकारों से जुड़े कई मामलों का समाधान लंबे समय तक नहीं हो सका था। अनेक परिवार वर्षों से सरकारी प्रक्रियाओं और कानूनी जटिलताओं के कारण अपने अधिकारों से वंचित रहे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया और संबंधित मामलों की समीक्षा कर पात्र परिवारों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौथी पीढ़ी तक पहुंच चुके इन परिवारों को अब न्याय मिला है और उन्हें उनकी जमीन का कानूनी स्वामित्व प्राप्त हुआ है।

सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के विकास और कल्याण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, श्रमिक, पूर्व सैनिक और विस्थापित परिवारों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी सोच के तहत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

पूर्व सैनिकों और लीजधारकों को भी मिला लाभ

कार्यक्रम के दौरान केवल विस्थापित परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूर्व सैनिकों और पट्टाधारकों को भी भूमि संबंधी अधिकार पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिकों का सम्मान करना सरकार का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को उसके अधिकारों से वंचित न रहना पड़े।

लाभार्थियों में दिखी खुशी

भूमिधरी अधिकार पत्र प्राप्त करने वाले परिवारों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लाभार्थियों ने कहा कि वर्षों से जिस अधिकार का इंतजार था, वह आज पूरा हुआ है। उनके अनुसार यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक पहल बताया।

क्षेत्रीय विकास पर भी दिया जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्र के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि विकास और सुशासन के माध्यम से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि भूमि स्वामित्व अधिकार प्रदान करने का यह निर्णय सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भूमि का स्वामित्व मिलने से लाभार्थी परिवारों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और वे भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकेंगे।

इसके अलावा संपत्ति के अधिकार मिलने से इन परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी आधार तैयार होगा।

निष्कर्ष

बिजनौर के आलमपुर गांवड़ी में आयोजित कार्यक्रम पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 1645 परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार सौंपे जाने से वर्षों पुरानी एक बड़ी समस्या का समाधान हुआ है। यह पहल न केवल विस्थापित परिवारों को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास है, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भूमिधरी अधिकार प्राप्त करने वाले परिवारों के लिए यह दिन लंबे संघर्ष के बाद मिली राहत और सम्मान का प्रतीक बन गया, जिससे हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

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