रिपोर्ट: कबीर
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन द्वारा आगामी किसान महाकुंभ और किसान चिंतन शिविर की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। गुरुवार को महावीर चौक स्थित भाकियू जिला कार्यालय पर आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में 16, 17 और 18 जून को प्रस्तावित किसान महाकुंभ को लेकर विस्तृत रणनीति बनाई गई।
गांव-गांव पंचायतों के जरिए किसानों को किया जा रहा संगठित
बैठक में पिछले पखवाड़े के दौरान ब्लॉक स्तर पर आयोजित किसान संवाद पंचायतों की समीक्षा की गई। नेताओं ने कहा कि गांव-गांव जाकर किसानों को संगठित किया जा रहा है ताकि किसान महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाया जा सके।
भाकियू नेताओं का कहना है कि संगठन के कार्यकर्ता लगातार किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं और उन्हें आंदोलन से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
किसान महाकुंभ को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी ने की। उन्होंने कहा कि किसान महाकुंभ केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों की आवाज को मजबूत करने का बड़ा मंच होगा।
उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन पूरी ताकत के साथ संघर्ष कर रहा है और आने वाले कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कृषि, बिजली और गन्ना भुगतान जैसे मुद्दों पर चर्चा
बैठक के दौरान कृषि संकट, बिजली व्यवस्था, गन्ना भुगतान और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए।
नेताओं ने कहा कि किसान लगातार बढ़ती लागत, बिजली की समस्या और भुगतान में देरी जैसी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में संगठन किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए लगातार आंदोलन कर रहा है।
संगठन को मजबूत करने पर दिया गया जोर
बैठक में संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि मजबूत संगठन ही किसानों के हितों की प्रभावी लड़ाई लड़ सकता है।
भाकियू पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से गांव स्तर तक सक्रिय रहने और किसानों को संगठन से जोड़ने की अपील की।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज पहलवान, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश पुंडीर, प्रदेश महासचिव योगेश शर्मा, मंडल उपाध्यक्ष प्रमोद अहलावत, मंडल उपाध्यक्ष रुचिन चौधरी, मंडल महासचिव नितिन राठी, तहसील अध्यक्ष देव अहलावत, संजीव पंवार, तहसील अध्यक्ष ललित त्यागी, ब्लॉक अध्यक्ष रमेश मलिक, संजय त्यागी, योगेश बालियान, जितेंद्र बालियान, अनुज राठी, सत्येंद्र चौहान, सुधीर सहरावत, ब्लॉक उपाध्यक्ष हैप्पी बालियान, अंकित मलिक, जिला महासचिव अनुपम देओल, मुनाजिर पहलवान, हरिओम त्यागी, बिट्टू प्रधान, मनीष प्रधान, अनुज बालियान, जिला प्रचार मंत्री मोहब्बत अली और जिला महासचिव पप्पू त्यागी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का संचालन जिला मीडिया प्रभारी हेमेंद्र कुमार द्वारा किया गया।
आंदोलन को नई दिशा देने की तैयारी
भाकियू नेताओं का कहना है कि किसान महाकुंभ और किसान चिंतन शिविर के जरिए किसानों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। संगठन का उद्देश्य किसानों को एकजुट कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए दबाव बनाना है।
नेताओं ने दावा किया कि आने वाले दिनों में संगठन का आंदोलन और तेज होगा तथा किसानों की आवाज को मजबूत तरीके से उठाया जाएगा।
किसानों में दिख रहा उत्साह
बैठक के बाद कार्यकर्ताओं और किसानों में उत्साह देखने को मिला। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि गांव-गांव चल रही पंचायतों के कारण किसानों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
फिलहाल किसान महाकुंभ को लेकर तैयारियां तेज हैं और भाकियू कार्यकर्ता कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
