रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर
उत्तर प्रदेश के रामपुर में सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा ने संबंधित विभागों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने कहा कि जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉटों को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजाम के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर रम्बल स्ट्रिप, संकेतक बोर्ड, रिफ्लेक्टर और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
टोल प्लाजा क्षेत्र में साफ-सफाई और राहत व्यवस्था पर जोर
बैठक में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि टोल प्लाजाओं के 500 मीटर क्षेत्र में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत कार्यों के लिए क्रेन और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया।
प्रमुख चौराहों और अंडरपास पर होगी बेहतर रोशनी
जिलाधिकारी ने क्योरार, धमोरा और शहजादनगर सहित चिन्हित चौराहों एवं अंडरपास क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि रात के समय रोशनी की कमी भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है, इसलिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
सर्विस लेन और हाईवे कट को लेकर निर्देश
बैठक में सर्विस लेन पर स्पीड ब्रेकर लगाने और गांवों को जोड़ने वाले हाईवे मार्गों पर सीधे कट के स्थान पर स्पीड टेबलटॉप विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन का मानना है कि इन उपायों से तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण करने और सड़क हादसों को कम करने में मदद मिलेगी।
राहवीर योजना के प्रचार पर जोर
बैठक में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने वाले नागरिकों के लिए चलाई जा रही राहवीर योजना पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को इस योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
जिलाधिकारी ने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग जरूरत के समय घायल व्यक्तियों की मदद के लिए आगे आएं।
रांग साइड वाहन चलाने वालों पर होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने पर जोर दिया। उन्होंने प्रभारी अधिकारी यातायात और एआरटीओ को निर्देश दिए कि रांग साइड वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रभावी चालान कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों के दौरान सड़क किनारे गड्ढे न छोड़े जाने के भी निर्देश दिए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सीओ ट्रैफिक, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, एआरटीओ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर आगे भी नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
