Homeउत्तर प्रदेशबिजनौर में आशा कार्यकत्रियों का प्रदर्शन, दो डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप

बिजनौर में आशा कार्यकत्रियों का प्रदर्शन, दो डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप

रिपोर्ट: राकेश कुमार, बिजनौर

बिजनौर। जनपद बिजनौर के हल्दौर क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात दो चिकित्सकों के खिलाफ आशा कार्यकत्रियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। आशा कार्यकत्रियों का कहना है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा जिला प्रशासन को सौंपने पर विचार करेंगी।

प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकत्रियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आशा कार्यकत्रियों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकत्रियों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात दो चिकित्सकों का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर कई बार ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं, जिससे उन्हें असहज महसूस करना पड़ता है।

आशा कार्यकत्रियों ने यह भी दावा किया कि स्वास्थ्य केंद्र में अनुशासन से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से उठाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका संतोषजनक समाधान नहीं हो सका है।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित चिकित्सकों की ओर से इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

लाभार्थी के साथ मारपीट का भी आरोप

प्रदर्शन के दौरान कुछ आशा कार्यकत्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि एक लाभार्थी के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना हुई थी। इस संबंध में भी उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ट्रांसफर के बावजूद रिलीव न करने का दावा

आशा कार्यकत्रियों का कहना है कि संबंधित मामले में स्वास्थ्य विभाग स्तर पर कार्रवाई की गई थी और एक चिकित्सक का स्थानांतरण भी किया गया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है।

इस मुद्दे को लेकर भी आशा कार्यकत्रियों ने नाराजगी व्यक्त की और प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

कार्रवाई न होने पर इस्तीफे की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष संगीता देवी ने कहा कि यदि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आशा कार्यकत्रियां सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का निर्णय ले सकती हैं।

उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मामले के सामने आने के बाद अब सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरोपों की जांच कराई जाती है तो उसके आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

निष्कर्ष

बिजनौर के हल्दौर क्षेत्र में आशा कार्यकत्रियों द्वारा लगाए गए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल पैदा कर दी है। हालांकि फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments