गाजीपुर। मरदह करोड़ों की कथित ठगी के आरोपों से घिरे भरत कुमार राय के खिलाफ अब 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और परिवार समेत जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धमकी भरा पत्र मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस से गुहार लगाई तो मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा और पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मुकदमा खत्म करो, नहीं तो 50 लाख दो!
पीड़ित राघवेन्द्र चतुर्वेदी के मुताबिक, आरोपी पक्ष की ओर से मुकदमा खत्म कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि 8 अगस्त को आवास का दरवाजा खोलते ही धमकी भरा पत्र मिला, जिसमें मुकदमा खत्म करने के एवज में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई।
आरोप है कि रकम नहीं देने पर पीड़ित और उसके परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी गई। पत्र मिलने के बाद परिवार में दहशत का माहौल बन गया।
पहले गोलीबारी का आरोप, अब रंगदारी का खत
पीड़ित का आरोप है कि विवादित मुकदमे में गवाही देने से रोकने के लिए पहले भी दबाव बनाया गया और गोलीबारी व जानलेवा हमले जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा। अब धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
तीन कंपनियां… निवेशकों से करोड़ों की रकम का आरोप
शिकायत के मुताबिक, महुआबाग स्थित शुभा कॉम्प्लेक्स में कथित तौर पर तीन कंपनियां संचालित कर निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई गई। आरोप है कि निवेशकों से करोड़ों रुपये लेने के बाद रकम वापस नहीं की गई।
पीड़ित ने मामले में करीब 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी का भी उल्लेख किया है। संबंधित मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
20 मुकदमों का दावा, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड
शिकायत में आरोपी के खिलाफ गाजीपुर समेत अन्य जनपदों के विभिन्न थानों में करीब 20 मुकदमे दर्ज होनेऊ का दावा किया गया है। इनमें धोखाधड़ी, मारपीट, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मुकदमों का उल्लेख है।
अब पुलिस धमकी भरे पत्र, शिकायत में लगाए गए आरोपों और पूर्व में दर्ज मुकदमों की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।
पुलिस बोली—जांच के बाद होगी कार्रवाई
थानाध्यक्ष के अनुसार तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सवाल बड़ा है—50 लाख की रंगदारी वाला यह धमकी भरा खत किसने भेजा? क्या वाकई मुकदमा खत्म कराने के लिए इतना बड़ा दबाव बनाया जा रहा था? पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
