संवाददाता: शुभम सिंह
बांदा से बड़ी खबर
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत बांदा जिले में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं ने स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। जिला उद्योग विभाग के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक जिले के 2292 लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें लगभग 400 महिलाएं भी शामिल हैं।
5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध
योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार शुरू करने या अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना में निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभार्थियों को अनुदान (सब्सिडी) का लाभ भी दिया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
स्वरोजगार के नए अवसर
योजना का लाभ लेकर कई युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में नए उद्यम शुरू किए हैं। इनमें कोचिंग सेंटर, क्लाउड किचन, ब्यूटी पार्लर, आटा चक्की, स्पेलर यूनिट और माटी कला जैसे व्यवसाय शामिल हैं। कई लाभार्थियों ने अपने उद्यमों के माध्यम से अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराने की शुरुआत की है।
महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
जिला उद्योग विभाग के अनुसार, योजना के तहत लगभग 400 महिला लाभार्थियों ने भी स्वरोजगार शुरू किया है। महिलाओं द्वारा खाद्य सेवाएं, ब्यूटी एवं अन्य लघु उद्योगों के क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित किए जा रहे हैं।
सरकार का व्यापक लक्ष्य
यह योजना 24 जनवरी 2025 से संचालित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य आगामी 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को योजना से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्रत्येक वर्ष लगभग एक लाख लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला उद्योग विभाग ने दी जानकारी
जिला उद्योग विभाग की उपायुक्त गुरुदेव रावत ने बताया कि बांदा जिले में योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और लगातार नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग पात्र युवाओं और महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से बांदा जिले में हजारों युवा और महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जिला उद्योग विभाग के अनुसार अब तक 2292 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल चुका है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
