रिपोर्ट कबीर
मुजफ्फरनगर। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में समाधान समारोह का शुभारंभ किया गया। समारोह के दौरान पक्षकारों के बीच आपसी सुलह-समझौते के आधार पर विवादों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। न्यायिक अधिकारियों ने संवाद और सहमति के माध्यम से लंबित मामलों को सुलझाने पर विशेष जोर दिया।
माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में पीठ संख्या-01 के समक्ष आए मामलों में दोनों पक्षों से वार्ता कर समाधान का प्रयास किया गया। इस दौरान पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने के लाभों से भी अवगत कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज (सीडी) डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि समाधान समारोह आगामी 21, 22 एवं 23 अगस्त तक संचालित होगा। इस विशेष अभियान के तहत माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित उन मामलों के निस्तारण का प्रयास किया जाएगा, जिनमें सुलह-समझौते की संभावना मौजूद है।
कार्यक्रम में अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय महेशानंद झा ने भी पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर समझौते का वातावरण बनाने का प्रयास किया। वहीं, डॉ. चौधरी ने बताया कि शमणीय प्रकृति के मामलों को मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से भी सुलझाया जा सकता है, जिससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ-साथ समय और धन दोनों की बचत होती है।
समाधान समारोह के माध्यम से न्यायपालिका का उद्देश्य केवल मामलों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि समाज में सौहार्द, संवाद और आपसी विश्वास को भी मजबूत करना है। अधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों से इस विशेष पहल का लाभ उठाने की अपील की है।
