हरदोई से बड़ी खबर
हरदोई जिले के शाहबाद रेलवे स्टेशन पर विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने रेलवे प्रशासन के माध्यम से अपनी मांग केंद्र सरकार और रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की।
इन ट्रेनों के स्टॉपेज की उठाई मांग
धरने के दौरान किसान नेताओं ने त्रिवेणी एक्सप्रेस, सियालदह–जम्मू तवी एक्सप्रेस और देहरादून–बनारस जनता एक्सप्रेस का शाहबाद रेलवे स्टेशन पर नियमित ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि इन ट्रेनों के नहीं रुकने से क्षेत्र के यात्रियों, किसानों, छात्रों और व्यापारियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
स्टेशन अधीक्षक और एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को सौंपा। उन्होंने अनुरोध किया कि इस मांग को संबंधित रेलवे अधिकारियों, मुरादाबाद मंडल, महाप्रबंधक कार्यालय और रेल मंत्रालय तक पहुंचाया जाए।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने कहा कि यदि जल्द ही ट्रेनों के ठहराव को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह मांग लंबे समय से की जा रही है और स्थानीय जनता की सुविधा को देखते हुए इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
धरने में लगे नारे
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने “किसान यूनियन जिंदाबाद” और “जय जवान-जय किसान” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसानों ने अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के समक्ष रखा।
स्थानीय लोगों को भी मिलेगा लाभ
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि इन ट्रेनों का शाहबाद रेलवे स्टेशन पर ठहराव शुरू होता है, तो इसका लाभ केवल किसानों को ही नहीं बल्कि छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को भी मिलेगा। इससे क्षेत्र की रेल संपर्क सुविधा बेहतर होगी और लोगों की यात्रा अधिक सुगम बन सकेगी।
निष्कर्ष
हरदोई के शाहबाद रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। अब रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
