रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में कांग्रेस ने वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के जरिए संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में कार्यकर्ताओं को अभियान के साथ मजबूती से जुड़ने और मतदाताओं के बीच पार्टी की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। लेकिन इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा बुढ़ाना के पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान के बयान को लेकर रही। फूल-मालाओं से स्वागत के बीच नवाजिश आलम ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बुढ़ाना सीट से अपनी दावेदारी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व का आदेश मिला तो वह बुढ़ाना से ही चुनाव लड़ेंगे। मुजफ्फरनगर में कांग्रेस संगठन को सक्रिय करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने की कोशिश तेज होती दिखाई दे रही है। इसी कड़ी में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सतपाल कटारिया ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित कमला नेहरू वाटिका में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान को लेकर चर्चा की गई। जिला अध्यक्ष सतपाल कटारिया ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि अभियान को केवल बैठक तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे मजबूती से आगे बढ़ाते हुए मतदाताओं के बीच पार्टी की भागीदारी बढ़ाई जाए। संगठन की मजबूती और अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों से सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया गया।
बुढ़ाना सीट पर नवाजिश आलम की नजर
बैठक के दौरान बुढ़ाना के पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। उनके स्वागत के साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी चर्चा भी सामने आई। नवाजिश आलम ने कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक का जिक्र करते हुए कांग्रेस को मजबूत करने की बात कही।
विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। हालांकि, उन्होंने बुढ़ाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अपनी दावेदारी भी सामने रखी। नवाजिश आलम का कहना था कि यदि पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने का निर्देश देती है तो वह बुढ़ाना से ही मैदान में उतरेंगे।
संगठन की मजबूती के साथ चुनावी संदेश
कांग्रेस की इस बैठक को संगठनात्मक सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं को वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के जरिए सक्रिय करने में जुटा है, तो दूसरी तरफ बुढ़ाना सीट को लेकर नवाजिश आलम खान की दावेदारी ने स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है।
हालांकि, बुढ़ाना से चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व को ही करना है। फिलहाल नवाजिश आलम ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है और अब निगाहें पार्टी के अगले कदम पर रहेंगी।
