Homeउत्तर प्रदेशमलूक नागर पर कार्रवाई की मांग, पाल समाज ने दी आंदोलन और...

मलूक नागर पर कार्रवाई की मांग, पाल समाज ने दी आंदोलन और चुनाव में विरोध की चेतावनी

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में आयोजित स्वाभिमान रैली के दौरान पाल समाज के नेतृत्व को लेकर पूर्व सांसद मलूक नागर की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में पाल समाज ने मोर्चा खोल दिया है। अखिल विश्व क्षत्रिय पाल महासभा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजकर मलूक नागर के खिलाफ कार्रवाई और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई और सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई तो समाज आंदोलन करेगा तथा आने वाले चुनाव में भी इसका विरोध किया जाएगा।

ज्ञापन में कहा गया कि 3 सितंबर को सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में आयोजित राष्ट्रीय लोकदल की स्वाभिमान रैली के दौरान पूर्व सांसद मलूक नागर द्वारा पाल समाज के नेता एवं प्रदेश की राजनीति में सक्रिय श्याम लाल पाल के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी की गई। इसकी जानकारी मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से सामने आने के बाद समाज के विभिन्न वर्गों में नाराजगी है।
महासभा ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच कराने की मांग की है। इसके लिए रैली की वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया रिपोर्टों तथा अन्य उपलब्ध सामग्री की जांच कर कथित टिप्पणी के वास्तविक स्वरूप और संदर्भ का पता लगाने को कहा गया है। ज्ञापन में कहा गया कि यदि जांच में कानून का उल्लंघन सामने आता है तो मलूक नागर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, समाज की भावनाएं आहत होने के कारण उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए। पाल समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी समाज अथवा उसके सम्मानित नेतृत्व के प्रति कथित तौर पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज अपने सम्मान और स्वाभिमान के मुद्दे पर एकजुट है। मलूक नागर द्वारा माफी नहीं मांगने और प्रशासन द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन को तेज किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर पाल समाज की ओर से अहिल्याबाई चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने की भी तैयारी थी। समाज के लोगों का कहना है कि एलआईयू की सक्रियता के चलते बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने पैदल मार्च की अनुमति नहीं दी और प्रतिनिधिमंडल को केवल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देने की अनुमति दी गई। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल को भी शामिल होना था। समाज के लोगों के अनुसार, पिछले चार दिनों से पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर रखा है, जिसके चलते वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इसको लेकर भी समाज के लोगों ने नाराजगी जताई। ज्ञापन में प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, मलूक नागर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और सार्वजनिक माफी सुनिश्चित कराने की मांग की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा और आगामी चुनाव में भी मलूक नागर के विरोध में समाज अपनी रणनीति तय करेगा। इस दौरान अखिल विश्व क्षत्रिय पाल महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार पाल, एडवोकेट किरण पाल, प्रवीण पाल, रविंदर पाल, आदेश कुमार, एडवोकेट राकेश कुमार, देशपाल, भूषण लाल सहित करीब दो दर्जन लोग मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments