रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मिशन शक्ति अभियान के तहत ककरौली थाने में शनिवार को एक अनूठी पहल देखने को मिली। यहां मेधावी छात्राओं को एक दिन के लिए पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपकर थाने की कार्यप्रणाली से रूबरू कराया गया। शिखा धीमान ने थाना प्रभारी, रिया धीमान ने वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) और अलीशा ने मिशन शक्ति प्रभारी की भूमिका निभाई। छात्राओं ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली समझी, बल्कि थाने में जनसुनवाई कर लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेस-6.0 के तहत 18 अक्टूबर को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं को पुलिस की जिम्मेदारियों से परिचित कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और कानून व्यवस्था की बारीकियों को समझने का अवसर देना था।
जनसुनवाई कर शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए
एक दिन की थाना प्रभारी बनीं शिखा धीमान ने वरिष्ठ उपनिरीक्षक रिया धीमान और मिशन शक्ति प्रभारी अलीशा के साथ थाने में जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित हल्का प्रभारियों तथा चौकी प्रभारियों को शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अनुभव के जरिए छात्राओं ने जाना कि थाने में शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके निस्तारण तक पुलिस किस तरह काम करती है।
सीसीटीएनएस और साइबर अपराध की कार्यप्रणाली भी समझी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को थाना कार्यालय के अभिलेखों, सीसीटीएनएस प्रणाली और पुलिस की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। उन्हें साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका के बारे में भी बताया गया। इससे छात्राओं को पुलिस की जिम्मेदारियों और तकनीक के जरिए अपराधों से निपटने की प्रक्रिया को करीब से समझने का मौका मिला।
मुसीबत में चुप न रहें, हेल्पलाइन से लें मदद
जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में बिना डर पुलिस की मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एंबुलेंस सेवा 102 व 108, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई।
सरकारी योजनाओं के बारे में भी किया जागरूक
छात्राओं और उपस्थित लोगों को विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया। योजनाओं से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए।
मिशन शक्ति के इस कार्यक्रम के जरिए पुलिस ने बालिकाओं को यह संदेश देने का प्रयास किया कि वे अपने अधिकारों को पहचानें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और किसी भी परेशानी में सहायता लेने से पीछे न हटें। छात्राओं को एक दिन के लिए पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपने की पहल ने उन्हें कानून व्यवस्था की जिम्मेदारियों को समझने का व्यावहारिक अवसर भी दिया।
