रिपोर्ट – संदीप वर्मा
बाराबंकी। फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत संयुक्त कृषि निदेशक, अयोध्या मंडल, अयोध्या ए के मिश्रा द्वारा प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उक्त वाहन के माध्यम से जनपद के विभिन्न ग्रामों में भ्रमण कर कृषकों को पराली न जलाने तथा फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया।
प्रचार-प्रसार वाहन द्वारा विकास खंड बंकी के ग्राम भनौली, जरहरा, पल्हरी, रामपुर, पाटमऊ एवं मनेरा तथा विकास खंड हरख के ग्राम माैथरी, वैसपुर, हरख एवं अब्दुल्लापुर में भ्रमण कर किसानों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं मृदा संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
इस दौरान कृषकों को अवगत कराया गया कि फसल अवशेषों को जलाने से वायु प्रदूषण में वृद्धि होती है तथा मृदा में उपलब्ध लाभकारी सूक्ष्मजीवों एवं जैविक पदार्थों को नुकसान पहुंचता है। अतः पराली को जलाने के स्थान पर आधुनिक कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से उसका समुचित प्रबंधन किया जाना चाहिए।
कृषकों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) एवं बेलर आदि कृषि यंत्रों के उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए फसल अवशेषों के उचित निस्तारण हेतु प्रेरित किया गया।
कृषि विभाग, जनपद बाराबंकी द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से किसानों को पराली न जलाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।
