रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मेरठ खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव में कथित तौर पर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मतदाता बनवाने का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी, मुजफ्फरनगर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित नियमों और कानूनों का उल्लंघन किया गया है। इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत मेरठ मंडल के छह तथा सहारनपुर मंडल के तीन जनपद आते हैं। ज्ञापन में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली के नियम-31 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 का हवाला देते हुए कहा गया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
कुछ जनपदों में एक अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में संबंधित जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए थे। इनमें कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और स्नातक अंतिम वर्ष की कूटरचित अंकतालिकाओं के आधार पर मतदाता बनवाने के आरोप लगाए गए थे। पार्टी का दावा है कि इन शिकायतों के समर्थन में फोटो और वीडियो भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए थे।
ज्ञापन में भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन संभावित प्रत्याशी, वर्तमान प्रत्याशी तथा उनके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाता बनवाने की कथित अवैध प्रक्रिया का प्रचार-प्रसार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
मतदाता सूची के अवलोकन के बाद लगाए गंभीर आरोप
समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 10 अक्टूबर 2026 को जारी मतदाता सूची का अवलोकन करने पर कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आई। आरोप है कि भाजपा प्रत्याशी और पूर्व संभावित प्रत्याशियों की ओर से विभिन्न कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों से स्नातकों की सहमति और हस्ताक्षर के बिना उनका डेटा प्राप्त कर मतदाता बनवाने की प्रक्रिया अपनाई गई।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ मामलों में स्नातक अंतिम वर्ष की अंकतालिकाओं और आधार कार्ड से संबंधित दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। पार्टी का आरोप है कि गैर-स्नातक व्यक्तियों को मतदाता बनवाने के लिए फर्जी अंकतालिकाएं तैयार कराई गईं तथा अन्य व्यक्तियों के नाम और आधार कार्ड का इस्तेमाल करते हुए कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया गया।
ज्ञापन में दावा किया गया कि कथित अनियमितताएं मुख्य रूप से गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जनपदों में हुई हैं।
कानूनी कार्रवाई की मांग
समाजवादी पार्टी ने ज्ञापन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 318(3), 318(2), 336(3), 338, 340 और 61(2), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियमावली के नियम-30 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-30 का उल्लेख करते हुए मामले को गंभीर बताया। पार्टी ने मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
‘वोट चोरी कर सरकार बनाने का आरोप, सपा कार्यकर्ता रहेंगे सतर्क’
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव चौधरी राम सिंह गुर्जर ने मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग वोट चोरी करके सरकार बनाने का काम कर रहे हैं और अब इस मामले का खुलासा हुआ है। उन्होंने मुजफ्फरनगर प्रशासन से स्नातक एमएलसी चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करने और सही मतदाताओं के वोट डलवाने की मांग की।
चौधरी राम सिंह गुर्जर ने कहा कि इस बार समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता जागरूक है और कथित फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए सतर्क रहेगा। उन्होंने प्रशासन से चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करने तथा मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि लोगों को जागरूक किया जाए कि वे फर्जी आधार कार्ड या कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मतदान प्रक्रिया में शामिल न हों। ऐसा किए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष पुष्पेंद्र त्यागी उर्फ बॉबी, प्रदेश सचिव चौधरी इलम सिंह गुर्जर, लोहिया वाहिनी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव जैन, जिला उपाध्यक्ष पवन बंसल, पूर्व जिला महासचिव चौधरी विकिल अहलावत ‘गोल्डी’, महिला सभा की जिला अध्यक्ष पूजा अनिल अंबेडकर, महानगर महासचिव सलीम मलिक, असद पाशा, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रामपाल सिंह पाल, अनुज गुर्जर, रविकांत त्यागी और तहसीन मंसूरी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
