सुगम संगीत कार्यक्रम में भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को किया भावविभोर, प्रेम और सद्भाव का दिया संदेश
रिपोर्ट – मोहम्मद नसीम
बाराबंकी। देवा मेला-2026 के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित सुगम संगीत कार्यक्रम में आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की सुप्रसिद्ध गायिका ऐमन जावेद फारूकी और अंतरराष्ट्रीय गायिका अमन जावेद फारूकी ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दोनों गायिकाओं ने अपने सुरों के माध्यम से भक्ति, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल पेश की। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘मानो तो मैं गंगा मां हूं’ गीत की प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद अमन जावेद फारूकी ने ‘ऐ री मैं तो प्रेम दीवानी’ भजन सुनाकर श्रोताओं को भक्ति और प्रेम के रंग में सराबोर किया। वहीं, ऐमन जावेद फारूकी ने ‘मोरे मदन मुरारी, मुरारी घनश्याम’ भजन की प्रस्तुति देकर कृष्णभक्ति की छटा बिखेरी। उनकी गायिकी पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में ‘चदरिया झीनी रे झीनी’ की प्रस्तुति ने समां बांध दिया। गीत के भावपूर्ण स्वरों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और इसके साथ संगीतमय संध्या का समापन हुआ। कार्यक्रम में संगतकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑक्टोपैड पर अंजीत द्विवेदी, कीबोर्ड पर अलीम और ढोलक पर आनंद यादव ने प्रभावी संगत की। दोनों गायिकाओं की प्रस्तुतियों ने संदेश दिया कि संगीत धर्म और समुदाय की सीमाओं से परे होकर लोगों को जोड़ता है। देवा मेले की इस संगीतमय संध्या ने प्रेम, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा को मजबूती प्रदान की।
