रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। एसिड अटैक का दर्द झेलने वाली महिलाओं के लिए जिंदगी को दोबारा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाना आसान नहीं होता। ऐसे में उन्हें सिर्फ सहानुभूति नहीं, बल्कि सहयोग, सम्मान और आगे बढ़ने के अवसरों की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से सोमवार को कोतवाली नगर की उपनिरीक्षक आकृति सिंह ने मिशन शक्ति अभियान के तहत नयाजुपुरा गांव में एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान उनकी समस्याएं सुनी गईं और उन्हें उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उपनिरीक्षक आकृति सिंह ने पीड़ित महिलाओं की मौजूदा स्थिति, उनके मामलों की अद्यतन जानकारी और रोजमर्रा की जिंदगी में सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। महिलाओं की समस्याओं को समझने के साथ उन्हें उपलब्ध सहायता विकल्पों के प्रति जागरूक किया गया। पहल का मकसद पीड़िताओं को यह भरोसा दिलाना रहा कि कठिन परिस्थितियों में वे अकेली नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों से मदद प्राप्त कर सकती हैं।
सहानुभूति के साथ सहयोग भी जरूरी
एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास और आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए सामाजिक सहयोग अहम है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि पीड़िताओं को केवल सांत्वना देने तक प्रयास सीमित नहीं रहने चाहिए। उनकी जरूरतों के मुताबिक संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सहायता समूहों से संपर्क कराने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें उपलब्ध सुविधाओं और सहयोग का लाभ मिल सके।
उपनिरीक्षक आकृति सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस पहल के जरिए समाज को भी संवेदनशील संदेश दिया गया। एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को उनके अतीत के दर्द से नहीं, बल्कि उनके साहस, आत्मसम्मान और आगे बढ़ने की क्षमता से देखा जाना चाहिए। उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार और सहयोगपूर्ण माहौल तैयार करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
महिला पुलिसकर्मियों ने निभाई भागीदारी
कार्यक्रम में उपनिरीक्षक आकृति सिंह के साथ महिला कांस्टेबल भावना और महिला होमगार्ड स्वाति राजपूत मौजूद रहीं। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित इस संवाद को पीड़ित महिलाओं का मनोबल बढ़ाने, उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें सहायता तंत्र से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।
