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त्यागी भूमिहार महासभा को मिला नया नेतृत्व, मांगे राम राष्ट्रीय अध्यक्ष तो अक्षु त्यागी बने युवा अध्यक्ष

बरला में हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा, मृत्यु भोज बंद करने से लेकर सामाजिक कुरीतियों और युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर उठी आवाज

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। बरला में आयोजित त्यागी भूमिहार महासभा की जनसभा में संगठन के नए नेतृत्व की घोषणा की गई। मांगे राम त्यागी को महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और अक्षु त्यागी को युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। आयोजकों के अनुसार, जनसभा में विभिन्न राज्यों और जिलों से हजारों कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यक्रम में जहां बिरादरी के हितों के लिए संघर्ष का संकल्प लिया गया, वहीं मृत्यु भोज, सामाजिक विवादों, संस्कारों में कमी और युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठे।

बिरादरी के हितों के लिए हर लड़ाई लड़ने का संकल्प

राष्ट्रीय अध्यक्ष बने मांगे राम त्यागी ने अपने संबोधन में विभिन्न आंदोलनों में भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासियों के आंदोलन के साथ पंजाब और हरियाणा में भी संघर्षों में हिस्सा लिया है। किसान आंदोलन के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की लड़ाई में भी उनकी भागीदारी रही।

उन्होंने कहा कि महासभा ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह बिरादरी के हितों और सम्मान के लिए निभाएंगे। उनके मुताबिक, जिस बिरादरी में व्यक्ति जन्म लेता है, उसके प्रति सम्मान रखना और उसके हितों के लिए प्रयास करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।

मृत्यु भोज बंद करने की पैरवी, सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षु त्यागी ने मृत्यु भोज का मुद्दा उठाते हुए तेरहवीं पर होने वाले भोज को बंद करने की मांग की। उन्होंने इसे समाज के प्रमुख मुद्दों में शामिल बताते हुए इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत जताई।

पगड़ी की सफेदी का उदाहरण देते हुए अक्षु त्यागी ने कहा कि पगड़ी हमेशा सफेद होनी चाहिए, ताकि उस पर लगने वाला दाग साफ दिखाई दे। उनके संबोधन में सामाजिक जीवन में स्वच्छता और जिम्मेदारी का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।

कोर्ट-कचहरी तक पहुंचते विवादों पर चिंता

अक्षु त्यागी ने समाज से जुड़े मुद्दों और आपसी विवादों के चलते लोगों के कोर्ट-कचहरी तक पहुंचने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उनके अनुसार, संस्कारों की कमी भी सामाजिक समस्याओं की एक वजह है।

उन्होंने परिवारों से बच्चों को अपने पास बैठाने, उनसे संवाद करने और अच्छे संस्कार देने की अपील की। कहा कि बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें सही-गलत का अंतर समझाना जरूरी है, ताकि उनमें जिम्मेदारी और बेहतर सामाजिक व्यवहार की भावना विकसित हो सके।

युवाओं को नशे से बचाने की अपील

युवा अध्यक्ष ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने समाज के लोगों से नशे की ओर बढ़ रहे युवाओं को रोकने और उन्हें सही दिशा देने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार देना और उसे नशे से दूर रखना समाज के हित में जरूरी है।

अब नए नेतृत्व की रणनीति पर निगाहें

जनसभा में नेतृत्व परिवर्तन के साथ सामाजिक सुधार से जुड़े मुद्दों को उठाकर संगठन की भावी प्राथमिकताओं के संकेत दिए गए। मांगे राम त्यागी के सामने संगठन को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की चुनौती होगी। वहीं, अक्षु त्यागी की भूमिका युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक मुद्दों पर पहल करने में अहम रहेगी। अब देखना होगा कि जनसभा में उठाए गए मुद्दों को लेकर महासभा का नया नेतृत्व आगे क्या कदम उठाता है।

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