रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मेरठ-सहारनपुर खंड के शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव में शुक्रवार को मुजफ्फरनगर के डीएवी कॉलेज मतदान केंद्र के बाहर उस समय सियासी पारा चढ़ गया, जब भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। मतदान केंद्र के बाहर अचानक बने तनावपूर्ण माहौल से अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मंत्री कपिल देव के पहुंचने पर गरमाया मामला
डीएवी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान भी मतदान के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी अपने समर्थकों के साथ वहां मौजूद थे। मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश और चुनावी प्रक्रिया में भूमिका को लेकर आपत्ति उठने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने की बात सामने आई।
सपा की ओर से आरोप लगाया गया कि मंत्री कपिल देव अग्रवाल अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र के अंदर जाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि वह मतदान करने पहुंचे थे और चुनाव में मुख्य एजेंट की भूमिका में भी थे। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद समर्थकों के आमने-सामने आने से माहौल और गरमा गया।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच धक्का-मुक्की
विवाद बढ़ने पर भाजपा और सपा से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मतदान केंद्र के बाहर जुटे लोगों के बीच तनाव बढ़ता देख पुलिस को व्यवस्था संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। घटना ने चुनावी माहौल में राजनीतिक टकराव को खुलकर सामने ला दिया।
दोनों पक्षों की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि, किस पक्ष की ओर से विवाद की शुरुआत हुई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
डीएम पहुंचे, प्रशासन ने लिया हालात का जायजा
डीएवी कॉलेज के बाहर हंगामे की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा मौके पर पहुंचे। प्रशासन के सामने दोनों पक्षों के बीच तनाव को नियंत्रित रखने और मतदान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती थी। चुनाव के दौरान इस तरह का राजनीतिक टकराव मतदान केंद्रों की सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर भी सवाल खड़े करता है।
एमएलसी चुनाव में शिक्षक और स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान कर रहे थे। ऐसे में मतदान केंद्र के बाहर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी।
निष्पक्ष मतदान पर टिकी निगाहें
चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मतदान केंद्र पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। डीएवी कॉलेज के बाहर हुए विवाद के बाद अब दोनों पक्षों के आरोपों और पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, एमएलसी चुनाव के दौरान भाजपा और सपा के बीच सामने आया यह टकराव मुजफ्फरनगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। ।
