रिपोर्ट निखिल अनुरागी
चरखारी महोबा। लगातार एक सप्ताह से अधिक समय से हो रही मूलाधार बारिश और अतिवृष्टि के चलते खरीफ सीजन की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गई हैं। वहीं बारिश के बाद अब धूप निकलने से शीलनयुक्त रिहायशी मकानों के गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी ग़ज़ल भारद्वाज के निर्देश पर तहसील चरखारी में राजस्व टीमों का गठन किया गया है। एसडीएम अवनीश कुमार तिवारी एवं तहसीलदार आर.एन. मिश्रा के निर्देशन में तहसील क्षेत्र के चरखारी, खरेला, रिवई एवं गौरहारी-सूपा कानूनगो सर्किल में टीमें गठित कर प्रभावित गांवों में मकानों का सर्वे कराया जा रहा है।
राजस्व टीमें घर-घर पहुंचकर बारिश से गिरे अथवा क्षतिग्रस्त मकानों का स्थलीय निरीक्षण कर रही हैं। सर्वे के दौरान मकान की स्थिति और हुई क्षति का सत्यापन करते हुए प्रभावित गृहस्वामियों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए सूची तैयार की जा रही है।
इसी क्रम में कानूनगो सत्यप्रकाश राठौर एवं प्रदीप कुमार खरे के नेतृत्व में लेखपालों की टीमों ने भटेवरा कलां, दमदमा, जरौली, चंदौली, बम्होरी, बमरारा, कीरतपुरा सहित विभिन्न गांवों में पहुंचकर अतिवृष्टि से गिरे मकानों का स्थलीय सत्यापन किया। राजस्व टीमों द्वारा मौके पर क्षति एका आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
प्रशासन की ओर से लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है, ताकि अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को समय से राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।
