रिपोर्ट : विरेन्द्र तोमर, बागपत
भीषण गर्मी के बीच लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बागपत में खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर आइसक्रीम और फूड सप्लीमेंट के नमूने लिए गए। विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ौत, दोघट और खेकड़ा क्षेत्रों में अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूटर्स और प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान कुल पांच नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भीषण गर्मी में चला विशेष अभियान
गर्मी के मौसम में आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, डेयरी उत्पाद और फूड सप्लीमेंट की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका भी बनी रहती है। इसी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में विशेष अभियान चलाया गया।
सहायक आयुक्त (खाद्य) डी.पी. सिंह के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना था। विभागीय टीम ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की।
बड़ौत, दोघट और खेकड़ा में छापेमारी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी यज्ञदत्त आर्य के नेतृत्व में टीम ने बड़ौत, दोघट और खेकड़ा क्षेत्र में कई डिस्ट्रीब्यूटर्स और दुकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान आइसक्रीम और फूड सप्लीमेंट से जुड़े उत्पादों के नमूने लिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि गर्मी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना जरूरी है, क्योंकि लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। अभियान के दौरान दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए
छापेमारी के दौरान टीम ने कुल पांच नमूने एकत्र किए। इनमें आइसक्रीम और फूड सप्लीमेंट से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। सभी नमूनों को सील कर प्रयोगशाला भेज दिया गया है, जहां उनकी गुणवत्ता और शुद्धता की जांच की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी उत्पाद में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप
अचानक हुई छापेमारी से संबंधित प्रतिष्ठानों और कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। कई दुकानदार अपनी दुकानों और गोदामों में रखे खाद्य उत्पादों की जांच करते नजर आए।
अधिकारियों ने साफ कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में दूषित खाद्य पदार्थों के कारण फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
विभागीय अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की सूचना तुरंत विभाग को दें।
लगातार जारी रहेगा अभियान
सहायक आयुक्त (खाद्य) डी.पी. सिंह ने कहा कि जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है। इसके लिए समय-समय पर छापेमारी और सैंपलिंग की कार्रवाई की जाती रहेगी।
दुकानदारों को दिए गए जरूरी निर्देश
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी यज्ञदत्त आर्य ने दुकानदारों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को साफ-सफाई बनाए रखने, एक्सपायरी डेट वाले उत्पादों की बिक्री न करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने कहा कि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जनता में बढ़ा भरोसा
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद आम लोगों में भरोसा बढ़ा है। स्थानीय नागरिकों ने विभाग की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान लगातार चलते रहने चाहिए ताकि बाजार में मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
