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फिल्मी सितारे अपनी छवि को अमर बनाने के लिए संघर्ष शब्द का इस्तेमाल करते हैं – विक्रांत राय

रिपोर्ट – हरीशराज चक्रवर्ती

हमीरपुर। कई तथाकथित सितारों ने फिल्म उद्योग में अपने संघर्ष के बारे में झूठी कहानियाँ गढ़ी हैं। ऐसा कहना है विक्रांत राय का, जो अनेक हिंदी टीवी धारावाहिकों और हिंदी फिल्मों में प्रमुख भूमिकाएं निभा चुके हैं। वो कहते हैं कि कई पीढ़ियाँ ऐसी कहानियों पर विश्वास करती रही मगर इसका सीधा असर उन बाहरी लोगों पर पड़ता है। जो अपने पसंदीदा अभिनेताओं की इन नकली संघर्ष की कहानियों पर विश्वास करके बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाने आते हैं।
उन्होंने बताया कि वह स्वयं उत्तर प्रदेश से आये एक बाहरी व्यक्ति हैं और सरकारी कर्मचारियों के परिवार से आते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में इतना समय बिताने के बाद जब आप रोजाना सच्चाई देखते हैं तो यह आपको अंदर से झकझोर देता है।
आपको लगता है कि इसमें कुछ ठीक नहीं है। यह आपको परेशान करता है।
सितारे अपनी छवि को अमर बनाने के लिए संघर्ष शब्द का इस्तेमाल करते हैं जबकि सच्चाई यह है कि उनमें से लगभग सभी संपन्न और शक्तिशाली परिवारों से आते हैं।
असली संघर्ष तो उन मासूम अभिनेताओं के लिए हैं जो किसी दूसरे शहर या गांव के गरीब या आम आदमी के परिवार में पैदा होते हैं और सपनों के शहर में यह मानकर आते हैं कि उनकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी। ठीक वैसे ही जैसे उन तथाकथित सितारों के साथ हुआ, जिन्हें वे पर्दे पर अपना आदर्श मानते हैं।
मायका धारावाहिक और भंवरी फेम अभिनेता विक्रांत राय का मानना है कि हमें अपनी पृष्ठभूमि और पहचान के बारे में सच्चा होना चाहिए। ताकि यह वास्तविक तस्वीर दे सके कि यहां चीजें कैसी हैं और फिर लोग सही निर्णय ले सकते हैं।
विक्रांत राय जिन्हें आखिरी बार अप्रैल 2024 में रिलीज़ हुई होमिसाइड थ्रिलर मर्डर मिस्ट्री फिल्म “तत्क्षण” में देखा गया था। जल्द ही “कजिन ईशा” नामक एक प्रेम कहानी में नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि इसकी शूटिंग उन्नाव के भगवंत नगर में आठ नवंबर 2024 से शुरू होगी।

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