गाजीपुर | रिपोर्ट – एकरार खान
गाजीपुर जिले के मनिहारी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा इंद्रपुर छिड़ी में सड़क पर जलभराव की पुरानी समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से सड़क पर पानी भरा रहने के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार IGRS और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बावजूद केवल कागजों में शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया जाता है, जबकि जमीनी हालात में कोई बदलाव नहीं हुआ।
कीचड़ और गंदे पानी से गुजरने को मजबूर लोग
ग्राम सभा इंद्रपुर छिड़ी में सड़क पर लगातार जलभराव होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर जमा गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर लोगों को रोजाना गुजरना पड़ता है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है।
IGRS पर शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार IGRS और जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन हर बार बिना स्थायी समाधान के शिकायत को “निस्तारित” दिखा दिया गया।
इस बात को लेकर गांव के लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जिलाधिकारी को सौंपा प्रार्थना पत्र
समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गाजीपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान की मांग की है।
शिकायतकर्ता इसरार अंसारी का कहना है कि प्रशासन केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को बंद कर देता है, जबकि वास्तविक समस्या बनी रहती है।
सार्वजनिक पोखरी पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले उपजिलाधिकारी जखनियां ने मौके का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि गांव की सार्वजनिक पोखरी पर कुछ लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण जलनिकासी बाधित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी का प्राकृतिक रास्ता बंद होने से सड़क पर लगातार जलभराव बना रहता है।
बरसात में और बिगड़ते हैं हालात
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
सड़क पर पानी भर जाने से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है और कई बार फिसलकर गिरने की घटनाएं भी सामने आती हैं।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक भूमि और पोखरी से अवैध कब्जा हटवाकर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आने वाले मानसून में हालात और खराब हो सकते हैं।
“कागजी निस्तारण नहीं, जमीनी समाधान चाहिए”
ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें केवल कागजों में निस्तारण नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक समाधान चाहिए।
इंद्रपुर छिड़ी के लोगों की नजर अब जिलाधिकारी के फैसले और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि क्या इस बार वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो पाएगा या नहीं।
