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अमरोहा में धूमधाम से मनाया गया सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, डीएम डॉ. नितिन गौड़ के नेतृत्व में निकली भव्य कलश यात्रा

अमरोहा | यूपी

अमरोहा जनपद में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ के नेतृत्व में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया।

कलश यात्रा चूना भट्टी क्षेत्र से प्रारंभ होकर वासुदेव मंदिर तक पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया गया।

श्रद्धालुओं से गुलजार रही कलश यात्रा

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत निकाली गई कलश यात्रा में भक्त हाथों में कलश लेकर भक्ति भाव से शामिल हुए।

यात्रा में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शशि जैन, मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

पूरे मार्ग में धार्मिक जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

वासुदेव मंदिर में हुआ जलाभिषेक

कलश यात्रा के समापन पर वासुदेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।

डीएम डॉ. नितिन गौड़ और अन्य अधिकारियों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर प्रदेश और जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की।

स्वच्छता का दिया संदेश

धार्मिक अनुष्ठान के बाद जिलाधिकारी और अधिकारियों ने मंदिर परिसर में स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया।

अधिकारियों ने लोगों से धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।

पूरे जिले में हुए धार्मिक आयोजन

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर अमरोहा जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में मंत्रोच्चार, महाआरती, रुद्राभिषेक और दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इसके साथ ही कई स्थानों पर प्रवचन, भजन संध्या, रंगोली, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

“सामाजिक सौहार्द और एकता का प्रतीक है पर्व”

जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, एकता और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि यह पर्व “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को मजबूत करता है और समाज को एकजुट रहने का संदेश देता है।

सोमनाथ मंदिर के इतिहास का किया उल्लेख

डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि लगभग एक हजार वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर पर हमला हुआ था, लेकिन तमाम चुनौतियों के बावजूद उसका अस्तित्व आज भी कायम है।

उन्होंने इसे भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक बताया।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आयोजन

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए।

गौरवशाली इतिहास का किया स्मरण

पूरे आयोजन के दौरान लोगों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास का स्मरण किया।

श्रद्धालुओं और उपस्थित लोगों ने सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्रहित के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी लिया।

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