रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में व्यापक तैयारियों और कार्य योजना को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि हीट वेव से जनहानि रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे, डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ पूरी तरह सक्रिय रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक हो सकता है, ऐसे में लोगों को इस अवधि में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि तेज धूप से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, बासी भोजन से परहेज करें और किसी भी प्रकार की तबीयत खराब होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि बच्चों और पशुओं को बंद वाहनों में न छोड़ा जाए, यह जानलेवा साबित हो सकता है।

बैठक में परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं सरकारी कार्यालयों में प्राथमिक चिकित्सा किट की उपलब्धता अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संस्थान में किट न मिलने पर संबंधित विभागाध्यक्ष की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेन्द्र कुमार ने कहा कि हीट वेव शरीर की कार्यप्रणाली पर गंभीर असर डालती है और इससे हीट स्ट्रोक जैसी खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की अपील की।
उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी पड़ता है। जहां इंसान अपनी प्यास बुझाने के लिए साधन जुटा लेता है, वहीं परिंदे और पशु पानी के लिए दर-दर भटकते हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वे अपने घरों के आसपास पानी की व्यवस्था करें, ताकि बेजुबान जीवों की जान बचाई जा सके।
बैठक में पशुपालन, सूचना, श्रम, वन, अग्निशमन, शिक्षा, नगर निकाय, पंचायत राज, पुलिस, राजस्व, जल निगम, खाद्य सुरक्षा, सिंचाई और कृषि समेत तमाम विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार, बीएसए संदीप कुमार, एआरएम रोडवेज प्रभात कुमार सिन्हा, तहसीलदार जानसठ श्रद्धा गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अनुपस्थित अधिकारियों पर कड़ा रुख
बैठक में अनुपस्थित रहे जिला स्तरीय अधिकारियों पर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह शासन की प्राथमिकता से जुड़ा विषय है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई अस्वीकार्य है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
आपदा की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया गया है। आमजन टोल फ्री नंबर 1077, 01312436918 व 9412210080 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

