रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। विश्व हाथ स्वच्छता दिवस के मौके पर मंगलवार को जिले भर में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने मिलकर जागरूकता का बड़ा अभियान चलाया। स्कूलों और स्वास्थ्य इकाइयों में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों को न सिर्फ हाथ धोने की अहमियत बताई गई, बल्कि उन्हें सही तरीके से हाथ साफ करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
‘डायरिया से डर नहीं’ अभियान के तहत पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया और केनव्यू के सहयोग से हुए इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य कर्मियों, स्कूली बच्चों और शिक्षकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शहरी स्वास्थ्य केंद्र गौशाला और पटेल कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय, रामलीला टीला रोड पर विशेष सत्र आयोजित कर बच्चों को हाथों की स्वच्छता का महत्व विस्तार से समझाया गया।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सिर्फ हाथ धोना ही काफी नहीं, बल्कि सही तरीके से हाथ धोना जरूरी है। उन्होंने बताया कि डायरिया समेत कई संक्रामक बीमारियों से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी उपाय नियमित और सही हाथ स्वच्छता है।
इस दौरान पीएसआई इंडिया की भारती रावत ने बच्चों को ‘S U M A N K (सुमन-के)’ के छह आसान चरणों के बारे में बताया, जिससे बच्चे खेल-खेल में सही तरीके से हाथ धोना सीख सकें। इन चरणों में हथेलियों को रगड़ना, हाथों की उल्टी सतह साफ करना, मुट्ठी बंद कर सफाई, अंगूठों को रगड़ना, नाखूनों की सफाई और कलाइयों को अच्छी तरह धोना शामिल है। बच्चों से इन सभी चरणों का अभ्यास भी कराया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अल्का ने कहा कि यदि बचपन से ही स्वच्छता की आदत डाल दी जाए, तो यह जीवनभर साथ रहती है और कई गंभीर बीमारियों से बचाव करती है। उन्होंने बताया कि खाना बनाने या खाने से पहले, शौचालय के बाद, खांसने-छींकने के बाद और गंदगी के संपर्क में आने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन-पानी से हाथ धोना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की शपथ ली। इस मौके पर शहरी स्वास्थ्य केंद्र गौशाला की चिकित्सा अधिकारी डॉ. जरीन मतीन, विद्यालय की प्राचार्य आयशा और पीएसआई इंडिया से शोभित सक्सेना समेत कई लोग मौजूद रहे।

