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महिला आयोग सदस्य सपना कश्यप ने की जनसुनवाई, 11 शिकायतों पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने बुधवार को सदर ब्लॉक सभागार कूकड़ा में जनसुनवाई करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। इस दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए और लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
जनसुनवाई के दौरान कुल 11 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें घरेलू विवाद, उत्पीड़न, पारिवारिक कलह और अन्य सामाजिक समस्याओं से जुड़े मामले शामिल थे। महिला आयोग सदस्य ने सभी शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।


कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों द्वारा राज्य महिला आयोग सदस्य सपना कश्यप का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। बैठक का संचालन बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने किया। कार्यक्रम में महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से टोल फ्री और हेल्पलाइन नंबरों से संबंधित कैलेंडर भी वितरित किए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
जनसुनवाई के बाद सपना कश्यप ने एएनएम ट्रेनिंग सेंटर कूकड़ा का भी भ्रमण किया। इस दौरान केंद्र की प्रिंसिपल सरिता सिंह और स्टाफ ने उन्हें लाइव प्लांट भेंट कर स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षण व्यवस्था और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई।
बैठक में महिला कल्याण विभाग से जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार, स्वास्थ्य विभाग से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा, जिला कारागार से डिप्टी जेलर दीपक कुमार, पुलिस विभाग से पुलिस उपाधीक्षक रुपाली रॉय चौधरी, प्रभारी महिला थाना समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा संरक्षण अधिकारी नीना त्यागी, केंद्र प्रबंधक पूजा नरूला, सोशल वर्कर रेणु रानी, पूनम शर्मा सहित जिला प्रोबेशन कार्यालय के कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
जनसुनवाई और समीक्षा बैठक के माध्यम से महिलाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ हल कराने का संदेश दिया गया, जिससे पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में प्रशासनिक तंत्र को और अधिक सक्रिय किया जा सके।

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