Homeराष्ट्रीयबिंदल्स ग्रुप पर आयकर का बड़ा शिकंजा: 3 करोड़ कैश, 20 करोड़...

बिंदल्स ग्रुप पर आयकर का बड़ा शिकंजा: 3 करोड़ कैश, 20 करोड़ की ज्वेलरी बरामद, 50 करोड़ की फर्जी खरीद उजागर

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने वेस्ट यूपी के बड़े पेपर और शुगर कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए बिंदल्स ग्रुप के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर करोड़ों की टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया है। मेरठ यूनिट और गाजियाबाद टीम की संयुक्त कार्रवाई में 3 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाबी नकदी और करीब 20 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद होने से हड़कंप मच गया है।
18 मार्च से शुरू हुई इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के तहत दिल्ली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर समेत कई शहरों में एक साथ छापे मारे गए। आयकर विभाग ने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 132 के तहत मेसर्स बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड (BPML) और उससे जुड़ी कंपनियों को निशाने पर लिया।
छापेमारी के दायरे में मुजफ्फरनगर की छह बड़ी पेपर मिलें—बिंदल्स डुप्लेक्स लिमिटेड, अग्रवाल डुप्लेक्स बोर्ड मिल्स लिमिटेड, टिहरी पल्प एंड पेपर मिल्स लिमिटेड, शाकुंभरी पल्प एंड पेपर मिल्स लिमिटेड और बिंदल इंडस्ट्रीज लिमिटेड—भी शामिल रहीं। इसके अलावा बिजनौर के चांगीपुर गांव स्थित ग्रुप की शुगर यूनिट की भी गहन पड़ताल की गई।
जांच के दौरान अधिकारियों के हाथ 50 से ज्यादा अचल संपत्तियों के दस्तावेज लगे हैं, जिससे ग्रुप की व्यापक संपत्ति नेटवर्क का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ‘खोई’ (गन्ने का अवशेष) और अन्य कच्चे माल की बड़े पैमाने पर बिना हिसाब-किताब खरीद की गई। कागज कारोबार में ही करीब 50 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद का मामला उजागर हुआ है, जिससे कर चोरी का बड़ा खेल सामने आया है।
आयकर विभाग को चीनी मिल संचालन में भी अनियमितताओं के ठोस सबूत मिले हैं। यहां कागज की बिना रिकॉर्ड बिक्री और संदिग्ध नकद लेन-देन के जरिए असली मुनाफा छिपाने की कोशिश की गई।
सबसे गंभीर पहलू धारा 80IA के तहत करीब 171.3 करोड़ रुपये की कटौती का कथित गलत दावा माना जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि ग्रुप अपनी कागज, बिजली और चीनी इकाइयों के लिए अलग-अलग लेखा पुस्तकों का संधारण नहीं कर रहा था। अधिकारियों को केवल समेकित खातों और ट्रायल बैलेंस ही मिले, जिससे कर लाभ के दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आंतरिक अकाउंटेंट और पावर प्लांट के जनरल मैनेजर के बयान धारा 132(4) के तहत दर्ज किए गए हैं, जिनमें कई अहम खुलासे हुए हैं। आयकर विभाग अब इस पूरे मामले में टैक्स लाभ के दावों को खारिज करने की तैयारी में है।
फिलहाल तलाशी अभियान का सक्रिय चरण समाप्त हो चुका है, लेकिन जांच अब और गहराई में जाएगी। विभाग प्रमुख कर्मचारियों और निदेशकों से पूछताछ कर वित्तीय गड़बड़ियों की पूरी परतें खोलने में जुटा है। इस कार्रवाई के बाद वेस्ट यूपी के औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments