रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। साहित्य, कला और प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में लगातार सक्रिय निष्कर्ष प्रकाशन ने एक बार फिर उत्कृष्ट व्यक्तित्व को सम्मानित किया है। संस्थापिका एवं संचालिका डॉ. दिव्या सिन्हा ने लखनऊ निवासी सोलो ट्रैवलर, पर्वतारोही और लेखिका डॉ. खुशबू शांतिलेख को प्रतिष्ठित अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह के बाद साहित्यिक और सामाजिक जगत में इसकी व्यापक चर्चा रही।
डॉ. दिव्या सिन्हा ने बेहद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश में जन्मी डॉ. सिन्हा ने सितंबर 2021 से लेखन यात्रा शुरू की और कुछ ही वर्षों में साहित्य, डिजिटल मीडिया और कला जगत में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वह कई संकलनों में सह-लेखिका, संकलनकर्ता और एकल पुस्तिकाओं की लेखिका रह चुकी हैं। इसके साथ ही अनेक परियोजनाओं में संपादन, समीक्षा, रिसर्च और कंटेंट निर्माण का जिम्मा भी संभाल चुकी हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान सराहनीय रहा है। वर्ष 2021 में राज्य सरकार के शिक्षा अभियान से जुड़ते हुए उन्होंने शिक्षिका के रूप में कार्य किया और जिले की सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका का सम्मान भी प्राप्त किया। वहीं कॉर्पोरेट क्षेत्र में भी डिजिटल मार्केटिंग और प्रबंधन के पदों पर कार्य कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. दिव्या सिन्हा ने पहचान बनाई है। दुबई में आयोजित 10वें अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी अधिवेशन में संपादकीय कार्य और शोध पत्र प्रकाशन से उन्होंने हिंदी साहित्य को नई पहचान दिलाई। इसके अलावा वे 13 भारतीय भाषाओं की जानकार हैं तथा गायन और नृत्य में भी दक्ष हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. खुशबू शांतिलेख ने कहा कि डॉ. दिव्या सिन्हा के हाथों यह सम्मान मिलना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। उन्होंने कहा कि निष्कर्ष प्रकाशन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बनकर उभरा है।
इस अवसर पर डॉ. दिव्या सिन्हा ने अपनी प्रकाशित पुस्तक “जज्बातों के पन्ने से” का भी परिचय कराया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को मंच देना ही निष्कर्ष प्रकाशन का मूल उद्देश्य है और देश के हर रचनाकार को उसकी पहचान दिलाना।

