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डिबाई पुलिस को 1 साल बाद याद आई चोरी की घटना, पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने में बुलंदशहर पुलिस ने लिया एक साल का समय, अब हाईकोर्ट में PIL दाखिल करेगा पीड़ित

रिपोर्ट – जगनेश सोलंकी

बुलंदशहर। बुलंदशहर की डिबाई कोतवाली पुलिस की सतर्कता इसी बात से आंकी जा सकती है कि उसे चोरी की घटना को दर्ज करने में पूरा 1 साल लग गया। पीड़ित की तहरीर को एफआईआर में तब्दील करने में डिबाई कोतवाली पुलिस को एक साल का समय लगा। 1 साल बाद दर्ज हुई एफआईआर से पीड़ित व्यक्ति आक्रोशित है और अब हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करने की तैयारी कर रहा है। घटना 18 फरवरी 2025 को हुई , जबकि कोतवाली में एफआईआर 19 फरवरी 2026 को दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला
थाना अहमदगढ़ क्षेत्र के गाँव करकोरा महाराजपुर निवासी जसवीर सिंह पुत्र नत्थू सिंह ने डिबाई कोतवाली में दर्ज एफआईआर में बताया कि 18 फरवरी 2025 को वह अपना गिरवी रखा हुआ सामान बाँके बिहारी ज्वेलर्स कस्बा डिबाई से छुडाकर एक ऑटो मे बैठकर (डिबाई) भीमपुर दौराहा पर उतरा। भीमपुर दोराहे से मैं सब्जी खरीदने के बाद ई-रिक्शा का इंतजार कर रहा था। तभी दोपहर समय करीब 1.45 बजे एक अज्ञात व्यक्ति आया और कहने लगा कि मेरे हाथ में चोट लगी है। सामने की दुकान पर मेरा कुछ सामान की पेटी रखी है, आप उसे उठाकर ले आओ। उस अज्ञात व्यक्ति को मैंने अपने सब्जी की थैली व झोले मे रखे आभूषणो का बैग, जिसमें एक वोटर लिस्ट, एक इंण्डियन बैंक चैकबुक, चार सोने की चूडिया, एक हार, एक कॉलर , एक चैन, पेन्डल के साथ व एक जोडी कुन्डल सोने के रखे थे, उसे दे दिए। उस अज्ञात व्यक्ति को थैला देकर उसका सामान लेने दुकान पर गया तो दुकानदार ने कहा कि यहां किसी के सामान की पेटी नही है। जब वापस आया तो वह अज्ञात व्यक्ति वहां से फरार हो गया।

बीएनएस की धारा 303 (2) में मुकदमा हुआ दर्ज
इस मामले में कोतवाली डिबाई पुलिस ने बीएनएस की धारा 303 (2) में मुकदमा दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी संपत्ति बेईमानी से लेने यानी चोरी के सामान्य मामलों में लगती है। यह पुरानी IPC की धारा 379 की जगह लेती है। यह तब लगती है जब कोई पहली बार चोरी करता है। इसमें 3 साल तक की जेल या दूसरी/बार-बार चोरी का दोषी पाया जाता है तो 1 से 5 साल तक की कड़ी कैद का प्रावधान है।

होगी जांच : सीओ
सीओ मधुप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है। जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हाईकोर्ट जाऊंगा : पीड़ित
पीड़ित जसवीर सिंह का कहना है कि 1 साल बाद मेरा मुकदमा दर्ज हुआ है। मैं डिबाई पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करूँगा।

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