चौड़गरा चौकी क्षेत्र में संदिग्ध दुकान पर फिर उठे सवाल
रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। कल्यानपुर थाना क्षेत्र की चौड़गरा चौकी कस्बा में संचालित एक कबाड़ की दुकान एक बार फिर गंभीर चर्चाओं के केंद्र में है। सूत्रों के अनुसार, इस दुकान पर लोहे की चादरें, सरिया सहित अन्य संदिग्ध सामग्री की खुलेआम खरीद-फरोख्त की जा रही है, जिसका एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि लोहे की चादरों को एक पिकअप वाहन में लादकर बाहर भेजा जा रहा है। चर्चा है कि यह माल ट्रकों के माध्यम से क्षेत्र के बाहर बेचा जाता है। दावा किया जा रहा है कि यह वही दुकान है, जिस पर पूर्व में भी प्रशासन द्वारा छापेमारी की कार्रवाई की जा चुकी है। सूत्र बताते हैं कि ट्रकों से गुजरने वाले वाहन चालकों द्वारा डील कर लोहे के सामान की खरीद-फरोख्त भी इसी दुकान के माध्यम से की जाती है। रात के समय ट्रैकों से लाया गया माल दुकान में रखवाया जाता है और वहीं सौदे तय होते हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी संदिग्ध गतिविधियां कैद होने की चर्चा स्थानीय स्तर पर जोरों पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह दुकान संदेह के घेरे में है। चोरी के सामान की खरीद का भी अंदेशा जताया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी नजर आती है। बताया जा रहा है कि पूर्व में बिंदकी क्षेत्र में तैनात रहे एक तत्कालीन क्षेत्राधिकारी (सीओ) द्वारा इस कबाड़ की दुकान पर छापेमारी कर अवैध सामग्री पकड़ी गई थी। बावजूद इसके, कबाड़ कारोबारी पर कोई स्थायी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध गतिविधियां दोबारा शुरू होने की चर्चा है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह कबाड़ की दुकान वैध लाइसेंस और सरकारी मानकों के अनुरूप संचालित हो रही है, या फिर बिना किसी अनुमति के कबाड़ की आड़ में अवैध कारोबार फल-फूल रहा है?
अब चौड़गरा चौकी पुलिस और कल्यानपुर थाना प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यदि वीडियो, तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या एक बार फिर मामला दबा दिया जाएगा, या फिर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई कर कबाड़ की आड़ में चल रहे इस कथित अवैध नेटवर्क पर लगाम कसी जाएगी—यह देखने वाली बात होगी।
फिलहाल पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि आरोप सही हैं तो प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
