रिपोर्ट – मो0 नसीम

बाराबंकी। घने कोहरे और बादलों के कारण ठंड में भारी वृद्धि हुई है, जिससे नगर पंचायत सुबेहा के स्थानीय दुकानदार और राहगीर बेहाल हैं। प्रशासन द्वारा ठंड से बचाव के लिए की गई अलाव की व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित दिख रही है।
क्षेत्र में इक्का-दुक्का स्थानों पर ही अलाव जलते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। अधिकांश वार्डों में लोग स्वयं लकड़ियां या कागज इकट्ठा कर किसी तरह ठंड से बचाव कर रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
वार्ड निवासी सोनू सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, लेकिन मुख्य चौराहे को छोड़कर अन्य किसी भी स्थान पर अलाव नहीं जल रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुबेहा, विद्यालयों और अन्य वार्डों में भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है।
परवेज जफर नदवी, जिनकी दुकान 2012 से पीएचसी अस्पताल के पास है, ने बताया कि उनके क्षेत्र में आज तक कभी अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था नहीं की गई। यह एक महत्वपूर्ण स्थान है जहां अस्पताल के मरीज, कई मेडिकल स्टोर के कर्मचारी और राहगीर गुजरते हैं। उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से अलाव की व्यवस्था की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस संबंध में नगर पंचायत के एक बाबू ने बताया कि वर्तमान में नगर पंचायत क्षेत्र में कुल आठ स्थानों पर अलाव जल रहे हैं और ठंड बढ़ने के साथ इनकी संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल परिसर में अलाव की व्यवस्था की जिम्मेदारी डॉक्टरों की है। यदि उनके पास व्यवस्था नहीं है, तो उन्हें सूचित करना चाहिए। मुसाफिरों के लिए रैन बसेरा सीएचसी सुबेहा परिसर में बने आवास पर बनाया गया है।
