रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। भारतीय संस्कृति की जड़ों को सशक्त करने और नई पीढ़ी को अपने मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया, मुज़फ्फरनगर द्वारा “गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व” विषय पर एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली में विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भारी भागीदारी ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अजय कुमार धीमन एवं काउंसिल के पदाधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर “गुरु का सम्मान, संस्कृति की पहचान” जैसे प्रेरक नारों से पूरे वातावरण को संस्कारमय बना दिया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा है। श्रीमती सविता आर्य, श्रीमती अर्चना रानी और तसलीम जहां ने कहा कि यह परंपरा केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और संस्कारों की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और आदर बनाए रखें तथा उनके मार्गदर्शन में जीवन को सही दिशा दें।
रैली के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात करने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का संकल्प लिया। अंत में संस्था के सचिव मुसव्वीर ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सहयोगियों की सराहना की।

