Home Blog Page 542

मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा, ट्रैक्टर-ट्राली पलटी, अबतक 10 लोगों की मौत

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

मध्य प्रदेश में बड़े सड़क हादसे की खबर है। बारातियों से भरी ट्रैक्टर के ट्रॉली में टकराने से अबतक 10 लोगों की मौत हो गई वहीं 15 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।मध्य प्रदेश के राजगढ़ में ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलट जाने से अबतक 11 लोगों की मौत हो गई है और 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार राजस्थान के छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के मोतीपुरा गांव से राजगढ़ के पीपलोदी के समय कुलामपुरा गांव में बारात आ रही थी। इसी दौरान पीपलोदी जोड़ के समीप ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दौरान ट्रैक्टर ट्राली में करीब 25 लोग सवार थे। जिनमें से 11 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वहीं 20 से 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें उपचार के लिए राजगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।घटना की जानकारी लगने के बाद राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित, एसपी आदित्य मिश्रा सहित कालीपीठ व राजगढ़ कोतवाली थाना और राजस्थान पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बाद एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। जानकारी लगने के बाद राजगढ़ मंत्री नारायण सिंह पंवार भी जिला अस्पताल पहुंचे। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। जानकारी के मुताबिक यह भीषण सड़क हादसा राजगढ़ जिले के पीपलोदी रोड पर हुआ। हादसे में सभी मृतक राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। रात के अंधेरे में जैसे ही ट्रैक्टर-ट्राली मध्य प्रदेश की सीमा में पहुंची तो सड़क किनारे साइड में अनियंत्रित होकर पलट गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से उसपर सवार बारात में आ रहे महिलाएं, बच्चे व पुरुष उसके नीचे दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही चीख-पुकार मच गई है।

युवक को घर से बुला ले गए दोस्त फिर पीट-पीट कर कर दी हत्या

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

बहराइच। दोस्ती में रंजिश रखने वाले एक युवक ने गांव मे रह रहे अपने हमजोली युवक को टहलने के बहाने घर से बुलाया फिर गांव के रास्ते में लाठियों से पीट कर बे दम कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला दोस्ती की रंजिश का बताया जा रहा है। आपको बताते चलें कि मटेरा थाना अंतर्गत निहाल पुरवा गांव निवासी 18 वर्षीय गुरमीत सिंह पुत्र जिलाजीत सिंह का गांव निवासी शक्ति सिंह से आपसी विवाद चल रहा था। पिता जिला जीत का कहना है कि सुबह शक्ति सिंह अपने कुछ दोस्तों के साथ उसके घर आया और पुत्र गुरमीत सिंह को बहाने से घर से बुला ले गया। कुछ देर बाद शक्ति ने घर आकर कहा कि गुरमीत बेदम हालत में गौरा धनौली गांव के रास्ते में पड़ा है, जाकर उठा लो।पिता जिला जीत ने बताया कि जब वह मौके पर गांव के लोगों के साथ पहुंचे तो गुरमीत बेहोशी की हालत में पड़ा था, गांव के लोगों की सहायता से तत्काल गुरमीत को अस्पताल पहुंचाया गया वहां पर इलाज के दौरान होश आया तो उसने शक्ति सिंह द्वारा पिटाई करने की बात बताई, लेकिन सिर पर चोट अधिक होने से फिर से बेहोश हो गया। इलाज के दौरान गुरमीत की अस्पताल में ही मौत हो गई।गुरमीत की मौत के बाद परिवार के लोग बिलख उठे, सूचना पाकर मटेरा थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी फरार है उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

बाबा का बुल्डोजर खनन माफियाओं का बन रहा सबसे बड़ा हथियार

जानकारी होने पर भी खनन अधिकारी नहीं करते कार्यवाही

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

बहराइच।बात अगर हम खनन की करें तो पिछले काफी अर्से से तराई का यह जनपद अधिकारियों द्वारा दी जा रही खुली छूट के कारण खनन माफियाओं की शरण स्थली बनी हुई है।जिसे उपजाऊ भूमि प्रभावित होने के साथ साथ जनहानि के खतरे के रूप में भी देखा जाता है।खनन को लेकर खनन अधिकारी सहित बड़े अधिकारियों की निष्क्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब यह कारोबार जनपद के लगभग सभी क्षेत्रों में फैल चुका है।और अधिकारी कुछ मामलों में खाना पूर्ति कर शासन द्वारा अपनी अपनी पीठ थपथपाए जाने का लगातार इंतजार किया करते हैं।उक्त मामले को लेकर जब खनन अधिकारी से बात की गई तो वे अपने द्वारा किए गए कुछ मामलों और वसूली की जानकारी देते हुवे कहने लगे कि माह अप्रैल और मई में मेरे द्वारा कुछ गाड़ियों को बंद करवाकर लाखों की वसूली करवाई गई है।उनके द्वारा की गई कार्यवाहियों की व्हाट्सएप पर कुछ जानकारियां भी भेजी गई।लेकिन मोहमदा, बरई,रज्जब तुरई,लड्डन भट्ठा व हाजी बिलाइत की तरफ जेसीबी, ट्रैक्टर ट्राली व डमफर आदि के माध्यम से व्यापक पैमाने पर हो रहे खनन व खुलेआम उक्त क्षेत्रों में दौड़ रही अवैध गाड़ियों के बारे में बरगलाते हुवे अनजान बनने की कोशिश करते रहे।और तो और हो रहे खनन की मौके से जानकारी प्राप्त होने के बाद भी वे मूकबधिर दर्शकों की भूमिका में ही नजर आए।एक विश्वसनीय सूत्र का यहां तक कहना था कि मार्च माह में दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे में एसडीएम व लेखपाल के अथक प्रयासों से दो डंफर सहित जो बीस गाडियां पकड़ी गई उसमे खनन अधिकारी की कोई भूमिका ही नहीं थी।तहसील स्तर पर भी कई मामलों में इनके द्वारा की जा रही निष्क्रियता की ही बात बताई जा रही है।परिणाम स्वरूप जनपद में बेखौफ खनन माफियाओं द्वारा किए जा रहे खनन के मामले बढ़ते जा रहे हैं।और बाबा के जिस बुल्डोजर से प्रदेश के तमाल अवैध बिल्डिंगों को धाराशाई कर प्रदेश सहित पूरे विश्व में तहलका मच गया अब बाबा के उसी बुल्डोजर से बैखौफ, बेलगाम खनन माफियाओं द्वारा एकदोतीन चार नहीं बल्कि 12 20 फीट खनन किए जाने के बाद भी मानों खनन अधिकारी का होंठ फेविक्विक के मजबूर जोड़ से चिपका दिया गया हो। मालूम हो कि खनन को लेकर जहां गोंडा व बलरामपुर के जिलाधिकारियों द्वारा खनन माफियाओं पर प्रहार करते हुवे इतिहास रचा जा रहा है वहीं बहराइच की आवाम भी उक्त पुनरावृत्त की अर्से से एक आस लगाए कार्यवाही की बाट जोह रही है।आखिर खुलेआम हो रहे उक्त भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन है?क्या क्षेत्रीय लेखपाल को टर्नमेट कर देना चाहिए जो संबंधित अधिकारियों को सही जानकारी भी उपलब्ध नहीं करवा पाता।या फिर खनन अधिकारी को जो जानकारी होने के बाद भी संदेह की दृष्टि से देखे जाते हैं।जबकि सभी विभागीय जानकारियां अंतोगत्वा उन्हीं के संज्ञान में लाई जाती है।एस डी एम भी खनन संबंधी जानकारी के लिए खनन अधिकारी से ही बात करने की बात कहते हैं।जबकि जानकारी होने पर वे स्वयं ही कार्यवाही पर निकल पड़ते हैं।आखिर उक्त खेल कब तक चलता रहेगा?सत्ताधारी नेताओं से लेकर सड़क छाप नेताओं व ठेकेदारों का खनन कार्य सुचारू रूप से चलते रहने के बावजूद बहराइच का खनन विभाग सिर्फ कागजी खाना पूर्ति और छुटभैये खनन कर्मियों को परेशान करके अपनी पीठ थपथपाने में क्यूं लगा हुआ है तमाम वाहनों के पकड़े जाने के बाद भी खनन विभाग तथ्यात्मक जानकारी देने में आखिर क्यूं पूरी तरह आनाकानी करते देखा जाता है।तराई बेल्ट में हो रहे अथाह खनन के चलते तमाम ऐसे बड़ेबड़े गड्ढे बन चुके हैं जो आने वाली बरसात में जल भराव के बाद तमाम दुर्घटनाओं को अंजाम देते नजर आएंगे।आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा जहां भी खनन के लाइसेंस है वहां पर भी देखा जा रहा है कि उनके निर्धारित मापदंड से कई गुना अधिक तक खनन किए जाने के बावजूद उस पर खनन विभाग या किसी अधिकारी का कोई अंकुश लगता नहीं दिखाई दे रहा है। जिससे समस्याएं दिनों दिन बद से बदतर होती जा रही है।जानकारी होने के बाद भी आखिर खनन अधिकारी किसके दबाव में कार्यवाही नहीं करते आखिर खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकारों को क्यूं धमकाया जाता है संदर्भित प्रकरण के संदर्भ में शासन या प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही की जाती है या प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में ही उक्त गोरख धंधा ऐसे ही फलता फूलता रहेगा इसके लिए जवाब का इंतजार करना होगा।

सुजौली क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद,तीन लाख रुपये व डेढ़ लाख के जेवरात लेकर चोर फरार

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

बहराइच जिले के सुजौली क्षेत्र के विशुनटांडा गांव में बीती रात ग्रामीण के घर मे घुसकर चोरों ने किया हाथ साफ बता दें विशुन टांडा गाँव निवासी निर्मल पुत्र महादेव ने घर बनवाने हेतु अपनी जमीन बेंचकर तीन लाख रुपये नकद घर के बक्से में जुटाकर रखे थे रात में अत्यधिक गर्मी के कारण घर के सदस्य आँगन मे सो गए रात में लगभग 1 बजे के आसपास चोरों ने घर मे घुसकर रुपये वाला बक्सा व जेवरात उठा लिए बक्से को घर से 50 मीटर की दूरी पर रखकर उसमें रक्खे तीन लाख रुपये व जेवरात निकाल कर चोर भाग निकले इस चोरी की घटना के बारे में निर्मल को पता तब चला जब रात्रि 2 बजे के करीब बिजली चली गयी जब उसने घर मे जाकर देखा तो बक्सा गायब था उसने अपने भाई को जगाया बाहर जाकर देखा कि आम के पेड़ पास बक्सा पड़ा है परंतु उसमें कुछ नही है इन्ही पैसों से ग्रामीण बिल्डिंग मैटेरियल का सामान लाकर घर बनवाना चाहता था रात में सूचना पर पहुंची सुजौली पुलिस ने मौके की जांच की तथा तहरीर मिलने के पश्चात कार्यवाही का भरोसा दिलाया

शाहजहांपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, श्रद्धालुओं से भरी बस पर पलटा डंपर, 11 लोगों की मौत

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

ओवरलोड डंपर ने 11 श्रद्धालुओं की जान ले ली। ये सभी लोग अन्य साथियों के साथ निजी बस से सीतापुर से पूर्णांगिरी (उत्तराखंड) जा रहे थे। शनिवार रात 12.15 बजे ढाबे पर भोजन-जलपान के लिए रुके उसी दौरान तेज गति से आ रहा डंपर टकराकर पलट गया। रात एक बजे तक सात शव डंपर के नीचे से निकाले गए। दो अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र में एक ट्रक के बस के ऊपर पलट जाने से 11 लोगों की मौत हो गई और 25 घायल हो गए। ये सभी लोग अन्य साथियों के साथ निजी बस से सीतापुर से पूर्णांगिरी (उत्तराखंड) जा रहे थे। शनिवार रात 12.15 बजे ढाबे पर भोजन-जलपान के लिए रुके, उसी दौरान तेज गति से आ रहा डंपर टकराकर पलट गया। रात एक बजे तक सात शव डंपर के नीचे से निकाले गए। दो अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। 25 घायलों का सरकारी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। रात दो बजे तक राहत कार्य जारी रहा। कुछ अन्य श्रद्धालुओं के भी दबने की आशंका जताई जा रही थी। बस में 40 से अधिक श्रद्धालु होने का अनुमान जताया जा रहा। उत्तराखंड के पूर्णांगिरी में देवी माता का दरबार है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां दर्शन करने जाते हैं। सीतापुर के सिंधौली से श्रद्धालुओं को एक जत्था शनिवार रात को निजी बस से रवाना हुआ था।पुलिस के अनुसार, बस गोला मार्ग से होकर खुटार पहुंची थी। वहां चालक ने जलपान एवं भोजन के लिए बस एक ढाबे के बाहर खड़ी कर दी। कुछ श्रद्धालु ढाबे के अंदर चले गए थे, कुछ बस में बैठे रहे जबकि शेष आसपास टहल रहे थे। उसी दौरान गोला की जा रहा डंपर अनियंत्रित होकर ढाबे के बाहर खड़ी बस से टकराया, इसके बाद वहीं पलट गया। डंपर की टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ श्रद्धालु डंपर के नीचे दब गए। दुर्घटना देख ढाबे में बैठे श्रद्धालुओं में भी चीखपुकार मच गई। ढाबा कर्मचारी मदद को दौड़े मगर, दुर्घटनास्थल का दृश्य भयावह था। दो श्रद्धालुओं के आधे शरीर डंपर के नीचे दबे थे, वे कराहते हुए दम तोड़ते गए। शोर-शराबा के बीच राहगीरों रोका गया परंतु, चारों ओर डंपर से बिखरी बजरी पड़ी होने से राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। इस बीच फोन कर पुलिस बुलाई गई। आनन-फानन एक क्रेन और बैकहो लोडर का इंतजाम किया गया।दुर्घटना में सीतापुर के सिंधौली निवासी अजीत, सुमन देवी, आशीष, मुन्नी, शिवशंकर और सीमा की मौके पर मृत्यु हो गई। इसके बाद सीतापुर के कमलापुर निवासी स्वानमति और दो अज्ञात ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। सरस्वती, रीता, मिष्ठी, बिट्टो, गीता समेत 25 लोग घायल हैं। इनमें चार की हालत गंभीर बनी हुई है। एक श्रद्धालु डंपर के नीचे से जीवित निकाल लिया गया। उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि बस में सवार लोग परिवारों के साथ पूर्णागिरी जा रहे थे। मृतक अलग परिवारों के हैं मगर, घायलों में एक-दूसरे के संबंधी शामिल हैं। घायलों की हालत में सुधार के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि बस में कितने लोग सवार हुए थे। थाना पुलिस के माध्यम से बस मालिक को भी सूचना भेजी जा रही है।दुर्घटना के बाद बस और डंपर चालक का सुराग नहीं लगा। आशंका जताई जा रही कि डंपर चालक नींद या नशे में वाहन दौड़ा रहा था। तेज गति के साथ वह अचानक रांग साइड में पहुंचा और बस से टकराकर पलट गया। पुलिस का कहना है कि डंपर से बजरी-रेता बस और आसपास बिखर जाने से राहत कार्य में कठिनाई आई।रात दो बजे तक बस के क्षतिग्रस्त हिस्से और पलटे हुए डंपर के नीचे चालक की तलाश की जा रही थी। संभव है कि दुर्घटना के दौरान हुई अफरातफरी के बीच डंपर चालक व उसका सहयोग भाग गया हो। बस चालक के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा था

शाहजहांपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, श्रद्धालुओं से भरी बस पर पलटा डंपर, 11 लोगों की मौत

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

ओवरलोड डंपर ने 11 श्रद्धालुओं की जान ले ली। ये सभी लोग अन्य साथियों के साथ निजी बस से सीतापुर से पूर्णांगिरी (उत्तराखंड) जा रहे थे। शनिवार रात 12.15 बजे ढाबे पर भोजन-जलपान के लिए रुके उसी दौरान तेज गति से आ रहा डंपर टकराकर पलट गया। रात एक बजे तक सात शव डंपर के नीचे से निकाले गए। दो अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र में एक ट्रक के बस के ऊपर पलट जाने से 11 लोगों की मौत हो गई और 25 घायल हो गए। ये सभी लोग अन्य साथियों के साथ निजी बस से सीतापुर से पूर्णांगिरी (उत्तराखंड) जा रहे थे। शनिवार रात 12.15 बजे ढाबे पर भोजन-जलपान के लिए रुके, उसी दौरान तेज गति से आ रहा डंपर टकराकर पलट गया। रात एक बजे तक सात शव डंपर के नीचे से निकाले गए। दो अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। 25 घायलों का सरकारी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। रात दो बजे तक राहत कार्य जारी रहा। कुछ अन्य श्रद्धालुओं के भी दबने की आशंका जताई जा रही थी। बस में 40 से अधिक श्रद्धालु होने का अनुमान जताया जा रहा। उत्तराखंड के पूर्णांगिरी में देवी माता का दरबार है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां दर्शन करने जाते हैं। सीतापुर के सिंधौली से श्रद्धालुओं को एक जत्था शनिवार रात को निजी बस से रवाना हुआ था।पुलिस के अनुसार, बस गोला मार्ग से होकर खुटार पहुंची थी। वहां चालक ने जलपान एवं भोजन के लिए बस एक ढाबे के बाहर खड़ी कर दी। कुछ श्रद्धालु ढाबे के अंदर चले गए थे, कुछ बस में बैठे रहे जबकि शेष आसपास टहल रहे थे। उसी दौरान गोला की जा रहा डंपर अनियंत्रित होकर ढाबे के बाहर खड़ी बस से टकराया, इसके बाद वहीं पलट गया। डंपर की टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ श्रद्धालु डंपर के नीचे दब गए। दुर्घटना देख ढाबे में बैठे श्रद्धालुओं में भी चीखपुकार मच गई। ढाबा कर्मचारी मदद को दौड़े मगर, दुर्घटनास्थल का दृश्य भयावह था। दो श्रद्धालुओं के आधे शरीर डंपर के नीचे दबे थे, वे कराहते हुए दम तोड़ते गए। शोर-शराबा के बीच राहगीरों रोका गया परंतु, चारों ओर डंपर से बिखरी बजरी पड़ी होने से राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। इस बीच फोन कर पुलिस बुलाई गई। आनन-फानन एक क्रेन और बैकहो लोडर का इंतजाम किया गया।दुर्घटना में सीतापुर के सिंधौली निवासी अजीत, सुमन देवी, आशीष, मुन्नी, शिवशंकर और सीमा की मौके पर मृत्यु हो गई। इसके बाद सीतापुर के कमलापुर निवासी स्वानमति और दो अज्ञात ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। सरस्वती, रीता, मिष्ठी, बिट्टो, गीता समेत 25 लोग घायल हैं। इनमें चार की हालत गंभीर बनी हुई है। एक श्रद्धालु डंपर के नीचे से जीवित निकाल लिया गया। उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि बस में सवार लोग परिवारों के साथ पूर्णागिरी जा रहे थे। मृतक अलग परिवारों के हैं मगर, घायलों में एक-दूसरे के संबंधी शामिल हैं। घायलों की हालत में सुधार के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि बस में कितने लोग सवार हुए थे। थाना पुलिस के माध्यम से बस मालिक को भी सूचना भेजी जा रही है।दुर्घटना के बाद बस और डंपर चालक का सुराग नहीं लगा। आशंका जताई जा रही कि डंपर चालक नींद या नशे में वाहन दौड़ा रहा था। तेज गति के साथ वह अचानक रांग साइड में पहुंचा और बस से टकराकर पलट गया। पुलिस का कहना है कि डंपर से बजरी-रेता बस और आसपास बिखर जाने से राहत कार्य में कठिनाई आई।रात दो बजे तक बस के क्षतिग्रस्त हिस्से और पलटे हुए डंपर के नीचे चालक की तलाश की जा रही थी। संभव है कि दुर्घटना के दौरान हुई अफरातफरी के बीच डंपर चालक व उसका सहयोग भाग गया हो। बस चालक के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा था

राजकोट के गेम जोन में आग लगने से बच्चों समेत 24 लोगों की मौत, और बढ़ सकता है आंकड़ा

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

गुजरात के राजकोट में शनिवार शाम पांच बजे भीड़भाड़ भरे गेम जोन में भीषण आग लग गई। हादसे में 12 बच्चों समेत 24 लोगों की मौत हो गई। 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अग्निकांड में हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आग की घटना पर नगर निगम और प्रशासन को तत्काल बचाव और राहत कार्य के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रदेश सरकार ने फायर एनओसी नहीं रखने वाले सभी गेम जोन को बंद करने का निर्देश दिया है।अधिकारियों ने बताया कि शाम करीब साढ़े चार बजे गेमिंग गतिविधियों के लिए बनाए गए फाइबर डोम में आग लगी थी। इसके बाद फायर कंट्रोल रूम को शाम करीब 4:30 बजे इसकी सूचना मिली। फायर टेंडर और एंबुलेंस आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे। आग के कारण ढांचा ढह गया और मलबा हटाया जा रहा है। राजकोट कलेक्टर प्रभाव जोशी ने कहा कि प्रभावित टीआरपी गेम जोन बचाव अभियान चल रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टी और सप्ताहांत के चलते गेम जोन में काफी भीड़ थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने कही ये बात प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गेम जोन में कई जगह मरम्मत और रेनोवेशन का काम चल रहा था। बड़ी संख्या में प्लाई के टुकड़े और लकड़ियां फैली हुई थीं। आग लगते ही ये भी उसकी चपेट में आ गए और 30 सेकंड के अंदर आग पूरे गेम जोन में फैल गई। आग से पूरा गेम जोन जलकर खाक हो गया है। हालांकि अभी आग लगने की वजहों का पता नहीं चल सका है। आग पर करीब तीन घंटे में काबू पाया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों के शव बुरी तरह से झुलस गए हैं। इसके चलते अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

वैष्णो देवी जा रही श्रदालुओं से भरी ट्रैवलर बस ट्रक से टकराई, हादसे में 7 की मौत; 20 से ज्यादा घायल

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

अंबाला-दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे पर शुक्रवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमे एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 20 से अधिक लोग इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का अंबाला के अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार यह हादसा अंबाला में हुआ है। जहां मिनी बस की ट्रक से टक्कर होने की वजह से यह दुर्घटना हुई। पुलिस की जांच के अनुसार हाईवे पर ट्रक ने अचानक से ब्रेक लगाया था, जिसकी वजह से पीछे आ रही मिनी बस की ट्रक से भिड़ंत हो गई। यह टक्कर इतनी भयानक थी कि 7 लोगो की इस घटना में मौत हुई है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मिनी बस में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से श्रदालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहा थे। इस सड़क हादसे में बचे लोगों ने पुलिस को जानकारी दी है कि उनकी बस के आगे चल रहे ट्रक ने अचानक से ब्रेक लगाया था, जिसकी वजह से उनकी बस ट्रक की ट्रक से टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भयानक थी कि जिन 7 लोगो की इस घटना में मौत हुई है। पुलिस की जानकारी के अनुसार उनमे से घायल तीन लोगों की घटनास्थल पट ही मौत हो गई थी। जबकि 4 घायलों की इलाज के दौरान ही अस्पताल में मौत हो गई। ये सातों लोग एक ही परिवार से थे।कुछ गंभीर रूप से घायल लोगों को निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है अंबाला के पड़ाव थाने के एसएचओ दिलीप ने मीडिया को जानकारी दी कि डॉक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार इस भयानक सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोगो की हालत गंभीर है। एसएचओ दिलीप ने जानकारी दी कि डॉक्टर ने उन्हें बताया है कि गंभीर रूप से घायल लोगों को पास के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों का अंबाला के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है और कुछ गंभीर रूप से घायल लोगों को निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।

हाईवे पर पिकअप वाहन को अगवा करने वाले दबंग का वीडियो वायरल,राहगीरों को इकट्ठा होता देख बोलेरो लेकर भागा दबंग

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

बहराइच। नानपारा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 927 पर बोलोरो सवार दबंग का, वाहन को रोक कर अगवा करने का असफल प्रयास का एक वीडियो वायरल हो रहा है। राहगीरों के मुताबिक उक्त वीडियो कोतवाली नानपारा क्षेत्र के ग्राम बसहरी नहर पुल पर सुबह समय करीब 6 बजे आसपास का बताया जा रहा है। जहाँ बीच पुल पर आरोपी दबंग द्वारा किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से खाली पिकअप वाहन को ओवरटेक कर बोलेरो आड़ी तिरछी लगा कर चालक को धमका रहा था। मामला संदिग्ध लगने पर इकट्ठे हुये राहगीरों में, किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। लोगों को इकठ्ठा होते देख दबंग अपनी बोलोरो संख्या यू०पी० 31 ए०क्यु० 0569 लेकर फरार हो गया। अनलोडिंग कर वापस जाने वाली गाड़ी पिकअप गैर जनपद की बताई जा रही है।

महाराष्ट्र के डोंबिवली में बॉयलर फटने से 4 की मौत, 2 किलोमीटर तक सुनी गई धमाके की आवाज

TNI 24/ ब्यूरो चीफ मेराज अहमद

महाराष्ट्र के डोंबिवली के एमआईडीसी इलाके में स्थित एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से आग लग गई है चार से अधिक दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं हैं डोंबिवली केमिकल कंपनी में ब्लास्ट की वजह से आसपास की बिल्डिंगों के शीशे टूट गए हैं डोंबिवली बॉयलर ब्लास्ट की घटना में 4 लोगों की मौत हुई है मरने वालों में दो महिला और दो पुरुष शामिल हैं इस ब्लास्ट में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं ब्लास्ट से कुछ गाड़ियों को नुकसान हुआ है आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी.क्या बोले देवेंद्र फडणवीस डोंबिवली आग की घटना पर महाराष्ट्र डीसीएम देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट किया है, उन्होंने कहा डोंबिवली एमआईडीसी में अमुदान केमिकल कंपनी में बॉयलर विस्फोट की घटना दुखद है 8 लोगों को निलंबित कर दिया गया है. घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है और अधिक एम्बुलेंस तैयार रखी गई हैं मैंने कलेक्टर से चर्चा की है और वह भी 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच रहे हैं, एनडीआरएफ, टीडीआरएफ, फायर ब्रिगेड की टीमों को बुलाया गया है।शरद गुट के विधायक रोहित पवार का बयान।रोहित पवार ने कहा,डोंबिवली में एक केमिकल कंपनी में आग लगने की घटना बेहद भीषण है. यह भी खबर है कि कुछ कार्यकर्ता घायल हुए हैं और मैं प्रार्थना करता हूं कि वे सभी जल्द ही ठीक हो जाएं. हालांकि प्रशासन की ओर से इस आग को बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह पता लगाना जरूरी है कि आग लगने और मजदूरों की जान लेने की ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं और उचित कदम उठाए जाएं।आसमान में उठते काले धुएं के विशाल गुबार दूर से भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि विस्फोट की तीव्रता ज्यादा है. बताया जा रहा है कि एमआईडीसी फेज-2 की एक कंपनी में धमाका हुआ है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धमाका एमआईडीसी इलाके में अमोधन केमिकल कंपनी के बॉयलर में हुआ. हालांकि इस धमाके के बाद डोंबिवली इलाके में कई किलोमीटर तक इस धमाके के झटके महसूस किए गए।एबीपी माझा के अनुसार, भीषण विस्फोट के बाद एमआईडीसी से बाहर निकले एक कर्मचारी ने बताया कि हमारी साइड कंपनी में ही विस्फोट हुआ है. इतना तेज धमाका हुआ कि हम सब बाहर निकल गये. तमाम आग के गोले आ रहे थे. मजदूर ने कहा कि हमारे हाथ जल गये हैं.